कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन मिलने पर उठे सवाल- क्या Covid-19 का खतरा गहराया? वैक्सीनेशन का क्या?

कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन मिलने पर चिंता बढ़ी है और सवाल उठ रहे हैं कि क्या कोरोना वैक्सीन इस नए स्ट्रेन को रोक पाने में सफल होगा? क्या नए वेरियंट के आने के बाद खतरा और ज्यादा बढ़ गया है?

कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन मिलने पर उठे सवाल- क्या Covid-19 का खतरा गहराया? वैक्सीनेशन का क्या?

कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन ने बढ़ाई रिसर्चर्स की चिंता. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मुंबई:

Coronavirus Updates :खतरनाक कोरोनावायरस का खौफ अभी खत्म नहीं हुआ है. इस बीच ब्रिटेन में कोरोनावायरस का नया स्ट्रेन VUI-202012/01 मिला है. इसे बेहद संक्रामक बताया जा रहा है. कोरोना के नए संक्रामक स्ट्रेन ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. वायरस में बदलाव होते रहते हैं. कुछ के व्यवहार खास नहीं बदलते तो कुछ, बदलाव के बाद और ज्यादा घातक हो जाते हैं. ब्रिटेन, कोरोनावायरस का नया स्वरूप देख रहा है जो तेज़ी से फैलते हुए नियंत्रण के बाहर बताया जा रहा है. सवाल उठता है कि क्या कोरोना वैक्सीन इस नए स्ट्रेन को रोक पाने में सफल होगा? क्या नए वेरियंट के आने के बाद खतरा और ज्यादा बढ़ गया है?

यूके के चीफ साइंटिफिक एडवाइज़र पैट्रिक वॉलेंस ने बताया है कि 'वायरस का यह नया वेरिएंट बस बहुत जल्दी मूव ही नहीं करता, बल्कि इसके फैलने की क्षमता भी ज्यादा है. संक्रामक की क्षमता के मुकाबले में यह वेरिएंट पुराने सारे वेरिएंट और टर्म को पीछे छोड़ रहा है. तो यह वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है.'

Exeter University के सीनियर क्लीनिकल लेक्चरर ने डॉक्टर भारत पंखनिया ने कहा, 'हमें कुछ वक्त से जानकारी थी कि यह अब कोई नए स्ट्रेन में बदल रहा है और अब हमें इसपर प्रतिक्रिया दिख रही है. मेरे जैसे कई सहयोगी लंबे समय से कह रहे हैं कि यह नया स्ट्रेन, ज्यादा संक्रामक स्ट्रेन है. इसका सबूत इतनी बड़ी संख्या में आ रहे नए केस हैं. ऐसे में हमें जल्द से जल्द इसपर एक्शन लेने की जरूरत है.'

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कोरोना से सबसे ज़्यादा ग्रसित राज्य महाराष्ट्र की कोविड टास्क फ़ोर्स के मुताबिक़ राज्य में ऐसे कोविड मरीज़ फ़िलहाल नहीं दिख रहे जिसे नए स्ट्रेन से जोड़ा जाए. महाराष्ट्र कोविड टास्क फ़ोर्स के डॉ राहुल पंडित ने कहा कि 'पिछले 15 दिन या एक महीने से जो मरीज़ भर्ती हुए हैं, नवंबर, दिसंबर में अगर इन्हें देखें तो ऐसा कोई लक्षण नहीं दिख रहा इन मरीज़ों में जिसे इस नए स्ट्रेन से जोड़ा जाए, लेकिन इसपर रिसर्च ज़रूरी है, जिसमें कई हफ़्ते लग सकते हैं.'

नए स्ट्रेन पर राज्य के कोविड अस्पताल विस्तृत गाइडलाइन के इंतज़ार में हैं. कोविड जंबो हॉस्पिटल के बीकेसी के डीन डॉ राजेश डेरे ने कहा, 'अभी तक फ़िलहाल सरकारी या आईसीएमआर की कोई गाइडलाइन आई नहीं है, अभी तो फ़िलहाल यही बोल सकते हैं कि मरीज़ों में कोई अलग लक्षण नहीं दिखा है, जिससे ये नया वायरस डायग्नोज़ हो, ये हमारे इधर तो अब तक मिला नहीं है.'

नए स्ट्रेन और कोविड वायरस में इतना बदलाव है कि कोविड से इसका ट्रांसमिशन रेट या इंफ़ेक्शन रेट 20% बढ़ चुका है. हालांकि इससे मृत्यु दर बढ़ने का डर बढ़ा है या नहीं इस पर कोई पक्की रिसर्च नहीं है.

बड़ा सवाल ये भी है कि क्या ये स्ट्रेन वैक्सीनेशन को प्रभावित कर सकता है? इस संबंध में ब्रिटेन के New and Emerging Respiratory Virus Threats Advisory Group (NERVTAG) ने भी अपनी बात रखी है और कहा है कि उन्होंने अभी तक Spike Protein में ऐसा कोई भी खतरनाक बदलाव नहीं देखा है जो वैक्सीन के प्रभाव को कम करे.

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