गन्ना किसानों को मोदी सरकार का तोहफा, FRP बढ़ाकर 290 रुपए प्रति क्विंटल करने का फैसला

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य, यानी जिस रेट पर चीनी मिल्स किसानों से गन्ना खरीदते हैं, उसे नए चीनी सीजन 2021-22 के लिए 5 रूपया प्रति क्विंटल की रेट से बढ़ाने का फैसला किया गया. 

गन्ना किसानों को मोदी सरकार का तोहफा, FRP बढ़ाकर 290 रुपए प्रति क्विंटल करने का फैसला

गन्ने के लिये FRP बढ़ाकर 290 रुपए प्रति क्विंटल करने को मंजूरी. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

गन्ना किसानों को केंद्र ने आज बुधवार को बड़ी राहत दी है. केंद्र सरकार ने गन्ने का समर्थन मूल्य (FRP) बढ़ाने की घोषणा की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में गन्ने का FRP बढ़ाकर 290 रुपए प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया गया है. कैबिनेट ने चीनी सीजन 2021-22 के लिए गन्ना की FRP यानि उचित और लाभकारी मूल्य को बढ़ाकर ₹290 प्रति क्विंटल कर दिया है. शुगर कारखानों के राष्ट्रीय फेडरेशन ने कहा है कि इस फैसले से उनके बैलेंस शीट पर कुछ असर पड़ेगा, लेकिन बाजार में चीनी की कीमतों पर इसका असर नहीं पड़ेगा.

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य, यानी जिस रेट पर चीनी मिल्स किसानों से गन्ना खरीदते हैं, उसे नए चीनी सीजन 2021-22 के लिए 5 रूपया प्रति क्विंटल की रेट से बढ़ाने का फैसला किया गया. 

बता दें कि 2020-2021 में देश में गन्ना किसानों को कुल पेमेंट करीब 91,000 करोड़ रुपये की गयी थी. इस बढ़ोतरी के बाद अगले साल गन्ना किसानों को करीब एक लाख करोड़ रुपए तक पेमेंट मिलने की उम्मीद है.

खाद्य मंत्री पियूष गोयल ने कहा, "इस निर्णय से 5 करोड़ गन्ना किसानों और उनके आश्रितों के साथ-साथ चीनी मिलों और संबंधित सहायक गतिविधियों में कार्यरत 5 लाख श्रमिकों को लाभ होगा". ये फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब उत्तर प्रदेश में चुनाव की सरगर्मियां तेज़ हो रही हैं. फिलहाल उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का चीनी मीलों के पास करीब 6399 करोड़ रूपया बकाया है.


शुगर कारखानों की राष्ट्रीय फेडरेशन ने कहा कि इस फैसले से चीनी मीलों पर कुछ वित्तीय बोझ  बढ़ेगा लेकिन इसका बाजार में चीनी की कीमतों पर असर नहीं पड़ेगा. प्रकाश नायकनवारे, एमडी, शुगर फैक्ट्रीज फेडरेशन ने NDTV से कहा, "गन्ना का दाम ज्यादा देने से शुगर फैक्ट्री के बैलेंस शीट पर असर पड़ेगा लेकिन इंडस्ट्री इस कीमत को ग्रहण कर सकती है. इस फैसले से बाजार में चीनी की कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा. 

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त्योहारों के सीजन से ठीक पहले गन्ना की FRP में बढ़ोतरी देश के गन्ना किसानों के लिए अच्छी खबर जरूर है. लेकिन इस फैसले को लागू करने के दौरान सरकार को ये भी सुनिश्चित करना होगा की चीनी मीलों के पास गन्ना किसानों का हज़ारों करोड़ का  बकाया का भुगतान जल्दी हो और इस फैसले का बाजार में चीनी की कीमतों पर असर न पड़े. "