
कोटक महिंद्रा बैंक
नई दिल्ली:
दिल्ली के केजी मार्ग स्थित कोटक महिंद्रा बैंक के खिलाफ कार्रवाई की गई है. कोटक महिंद्रा बैंक का मैनेजर को ईडी ने गिरफ्तार किया है.
बैंक मैनेजर का नाम आकाश बताया जा रहा है. कस्तूरबा गांधी मार्ग ब्रांच में यह तैनात था. इस पर आरोप यह है कि इसने कोलकाता के मशहूर कारोबारी पारसमल लोढ़ा और दिल्ली के वकील रोहित टंडन को बड़े पैमाने पर नए नोट सप्लाई किए थे. रोहित टंडन के यहां से करोड़ों रुपये के पुराने और नए नोट बरामद हुए थे. यह रकम 13 करोड़ 56 लाख रुपये बताई गई थी. इसमें दो करोड़ 61 लाख के नए नोट भी मिले थे.
ईडी के सूत्रों के मुताबिक हरियाणा का रहने वाले बैंक मैनेजर आकाश के हवाला कारोबारियों से भी संबंध हैं और बैंक में बड़े पैमाने पर कालेधन को सफेद किया गया. इसी मामले में ईडी ने इसे गिरफ्तार किया है.
इसके अलावा एक और मामले में आयकर विभाग और क्राइम ब्रांच ने बैंक में नौ फर्जी अकाउंट खुलासा किया था. इस मामले में दो लोगों को क्राइम ब्रांच पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. दोनों के नाम रंजीत और राजकुमार गोयल हैं.
कुछ 66 करोड़ रुपये जमा हुआ था. बाद में यह पैसा एक सोनार दिया गया था. उसका अकाउंट चांदनी चौक में था. यह एक्सिस बैंक का अकाउंट था . यह भी फर्जी अकाउंट खोला गया था.
केन्द्रीय जांच एजेंसी ईडी ने यह है आईटी विभाग के एक सर्वे के बाद की है. अब ईडी ने बैंक मैनेजर की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ शुरू कर दी है.
बैंक मैनेजर का नाम आकाश बताया जा रहा है. कस्तूरबा गांधी मार्ग ब्रांच में यह तैनात था. इस पर आरोप यह है कि इसने कोलकाता के मशहूर कारोबारी पारसमल लोढ़ा और दिल्ली के वकील रोहित टंडन को बड़े पैमाने पर नए नोट सप्लाई किए थे. रोहित टंडन के यहां से करोड़ों रुपये के पुराने और नए नोट बरामद हुए थे. यह रकम 13 करोड़ 56 लाख रुपये बताई गई थी. इसमें दो करोड़ 61 लाख के नए नोट भी मिले थे.
ईडी के सूत्रों के मुताबिक हरियाणा का रहने वाले बैंक मैनेजर आकाश के हवाला कारोबारियों से भी संबंध हैं और बैंक में बड़े पैमाने पर कालेधन को सफेद किया गया. इसी मामले में ईडी ने इसे गिरफ्तार किया है.
इसके अलावा एक और मामले में आयकर विभाग और क्राइम ब्रांच ने बैंक में नौ फर्जी अकाउंट खुलासा किया था. इस मामले में दो लोगों को क्राइम ब्रांच पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. दोनों के नाम रंजीत और राजकुमार गोयल हैं.
कुछ 66 करोड़ रुपये जमा हुआ था. बाद में यह पैसा एक सोनार दिया गया था. उसका अकाउंट चांदनी चौक में था. यह एक्सिस बैंक का अकाउंट था . यह भी फर्जी अकाउंट खोला गया था.
केन्द्रीय जांच एजेंसी ईडी ने यह है आईटी विभाग के एक सर्वे के बाद की है. अब ईडी ने बैंक मैनेजर की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ शुरू कर दी है.
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