तिरूवनंतपुरम:
केरल विधानसभा का चुनाव बुधवार को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हो गया। राज्य की 2.2 करोड़ मतदाताओं में से 70 फीसदी से अधिक ने इस दौरान अपने मताधिकार का उपयोग किया। सत्ताधारी और विपक्षी मोर्चो ने चुनाव सम्पन्न होने के साथ ही अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। मुख्य निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक शाम पांच बजे मतदान खत्म होने से 10 मिनट पहले तक 73.40 फीसदी मतदाता 78 महिलाओं सहित 971 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में बंद कर चुके थे। कोझिकोड़ जिले में सर्वाधिक 78.50 फीसदी मतदान दर्ज हुआ जबकि तिरूवनंतपुरम में सबसे कम 67.30 फीसदी मतदान हुआ। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक शाम पांच बजे मतदान सम्पन्न हो गया लेकिन जो लोग कतारों में थे उन्हें मतदान करने की अनुमति दी जाएगी। मई 2009 में आम चुनाव में राज्य में 73.37 फीसदी मतदान हुआ था। सुबह सात बजे से आरम्भ हुए मतदान के प्रति लोगों में भारी उत्साह देखा गया। राज्य के कुल 20,758 मतदान केंद्रों में से अधिकत्तर पर मतदाताओं की भीड़ देखी गई। अपनी पत्नी के साथ मतदान केंद्र पर पहुंचे रक्षा मंत्री एके एंटनी ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के प्रमुख प्रचारक रहे एंटनी ने कहा कि जनता राज्य में शासन में बदलाव चाहती है। उधर, पलक्कड़ के मलमपुझा में मतदान करने के बाद मुख्यमंत्री अच्युतानंदन ने कहा कि वाम मोर्चा शानदार जीत हासिल करेगा। वहीं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रमेश चेन्निथला ने भी 140 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 100 सीटों पर जीत की उम्मीद जताई। सुरक्षा की दृष्टि से करीब 80,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। 20,758 मतदान केंद्र और 27 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए थे। यहां कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) में टक्कर है।
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