
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सीएम इब्राहिम ने कर्नाटक विधान परिषद में विपक्ष का नेता नहीं बनाए जाने की वजह से गुरुवार को पार्टी छोड़ दी. इस पद पर उनकी लंबे समय से नजर थी. इब्राहिम ने कहा, "कांग्रेस ने मुझे नजरअंदाज किया." उन्होंने कहा कि वह जल्द ही अपने अगले कदम की घोषणा करेंगे.
पूर्व केंद्रीय मंत्री इब्राहिम ने कहा, "मुझे खुशी है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मुझे उस बोझ से आजाद कर दिया जो मुझ पर था, अब मैं अपने फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हूं. मैं राज्य में मौजूद अपने शुभचिंतकों से बात करूंगा और अपने अगले कदम की घोषणा करूंगा." उन्होंने कहा कि मेरे लिए कांग्रेस एक बंद चैप्टर है."
#WATCH Congress is destroying itself. People cannot work without money in Congress. At the time of Indira Ji and Nehru Ji, Congress was a socialistic party but now it is only a 'Lena bank'. Congress will be defeated in Karnataka. The party has sunk: Congres leader CM Ibrahim pic.twitter.com/xAlcpPmsYw
— ANI (@ANI) January 27, 2022
कांग्रेस ने बुधवार को बीके हरिप्रसाद को विधान परिषद में विपक्ष का नेता चुना. इस महीने की शुरुआत में एसआर पाटिल के रिटायरमेंट के बाद से यह पद खाली था.
पार्टी के फैसले से नाराज इब्राहिम ने कहा, "बीके हरिप्रसाद एक जूनियर नेता हैं. मैं उनके अंडर कैसे काम कर सकता हूं."
कभी सिद्धारमैया के करीबी माने-जाने वाले इब्राहिम ने 1996 में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की कैबिनेट में नागर विमान मंत्री और पर्यटन मंत्री के रूप में काम किया है.
2008 में जनता दल (सेक्युलर) छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले पूर्व मंत्री ने कहा, "मैंने देवेगौड़ा जैसे नेता को और जनता दल को छोड़ दिया, जिसे हमने इस आदमी (सिद्धारमैया) के लिए बनाया, लेकिन उन्होंने मुझे क्या दिया? राज्य के लोग जो मुझे आशीर्वाद और समर्थन देते हैं, वे कांग्रेस को करारा जवाब देंगे."
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