
प्रतीकात्मक फोटो
कोलकाता:
भारतीय वायुसेना ने अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में आम नागरिकों के लिए हफ्ते में दो बार उड़ान सेवा शुरू की है. वायुसेना के चालक दल द्वारा संचालित डोर्नियर 228 विमान पोर्ट ब्लेयर को द्वीपसमूह के दक्षिण में स्थित कार निकोबार और कैंपबेल बे द्वीपों से जोड़ता है. वायुसेना के इस विमान का इस्तेमाल सिर्फ रक्षा बलों के लिए होता आया है और आम नागरिकों के लिए इसका इस्तेमाल केवल आपात स्थिति में ही किया जाता है, ऐसे में यह अपवाद है.
फिलहाल इस वायु सेवा क्षेत्र में केवल पवनहंस हेलिकॉप्टर ही सक्रिय है और यह भी कैंपबेल के चुनिंदा द्वीपों में ही उपलब्ध है.
केंद्रशासित प्रदेश के उप राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) ए के सिंह ने बताया कि कार निकोबार तक की एयर इंडिया की विस्तारित उड़ान विमान की लीज खत्म होने के कारण हाल ही में बंद हो गई थी इसलिए हमने रक्षा मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अंतरद्वीपीय संपर्क को सुधारने का अनुरोध किया था.
उन्होंने पोर्ट ब्लेयर से पीटीआई-भाषा को बताया, "रक्षा मंत्रालय ने आम नागरिकों के इस्तेमाल के लिए हमें विमान उपलब्ध करवाया है. यात्रियों से किराया वसूल कर हम वायुसेना को उड़ान के घंटों के आधार पर निर्धारित शुल्क अदा कर रहे हैं. द्वीपसमूह के निवासियों के लिए टिकट की कीमत कम रखी गई है." वायुसेना का डोर्नियर विमान एक घंटे में पोर्ट ब्लेयर से कार निकोबार द्वीप पहुंच जाता है. यहां से कैंपबेल बे पहुंचने में और एक घंटा लगता है.
द्वीपसमूह के सभी एयरबेस, हवाईपट्टियां और हेलिपैड सेना के नियंत्रण में हैं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
फिलहाल इस वायु सेवा क्षेत्र में केवल पवनहंस हेलिकॉप्टर ही सक्रिय है और यह भी कैंपबेल के चुनिंदा द्वीपों में ही उपलब्ध है.
केंद्रशासित प्रदेश के उप राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) ए के सिंह ने बताया कि कार निकोबार तक की एयर इंडिया की विस्तारित उड़ान विमान की लीज खत्म होने के कारण हाल ही में बंद हो गई थी इसलिए हमने रक्षा मंत्रालय और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से अंतरद्वीपीय संपर्क को सुधारने का अनुरोध किया था.
उन्होंने पोर्ट ब्लेयर से पीटीआई-भाषा को बताया, "रक्षा मंत्रालय ने आम नागरिकों के इस्तेमाल के लिए हमें विमान उपलब्ध करवाया है. यात्रियों से किराया वसूल कर हम वायुसेना को उड़ान के घंटों के आधार पर निर्धारित शुल्क अदा कर रहे हैं. द्वीपसमूह के निवासियों के लिए टिकट की कीमत कम रखी गई है." वायुसेना का डोर्नियर विमान एक घंटे में पोर्ट ब्लेयर से कार निकोबार द्वीप पहुंच जाता है. यहां से कैंपबेल बे पहुंचने में और एक घंटा लगता है.
द्वीपसमूह के सभी एयरबेस, हवाईपट्टियां और हेलिपैड सेना के नियंत्रण में हैं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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