नई दिल्ली : एयर इंडिया ने अशांत यमन में फंसे सैकड़ों भारतीयों को लाने के लिए सोमवार को अपना पहला विमान भेजा। खाड़ी देश में अराजक हालात पैदा होने के मद्देनजर भारत सरकार के अपने नागरिकों को वहां से लाने के फैसले के ठीक बाद यह कवायद शुरू हुई।
दिल्ली से 180 सीटों वाले एयरबस ए-320 विमान ने सुबह सात बजकर 45 मिनट पर उड़ान भरी जो मस्कट होते हुए यमन की राजधानी सना पहुंचेगा। विमान के सोमवार शाम यमन से वापसी करने की संभावना है। दिन में तीन घंटे के लिए सना से विमानों के संचालन की स्वीकृति मिलने के बाद भारत ने विमान संचालन शुरू किया।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को कहा था कि भारत को अधिकारियों से प्रतिदिन तीन घंटे के लिए सना से विमान संचालन की अनुमति मिली है। सुषमा ने ट्वीट किया कि भारत 1,500 यात्रियों की क्षमता वाले एक जहाज को भेजने की प्रक्रिया में है।
शनिवार को कम से कम 80 भारतीय सना से जिबूती के लिए रवाना हुए जहां भारतीय मिशन उनकी घर वापसी में मदद करेगा। मंत्रालय ने यमन की स्थिति पर नजर रखने के लिए 24 घंटे काम करने वाला एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया है। यमन में सभी हवाईअड्डों को बंद कर दिया गया है।
सना सहित यमन के विभिन्न प्रांतों में करीब 3,500 भारतीय हैं जिनमें अधिकतर नर्स हैं। यमन में शिया मिलिशिया और पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह की वफादार सैन्य इकाइयों ने देश के ज्यादातर हिस्से पर कब्जा कर लिया है और इसके कारण वहां के राष्ट्रपति आबिद रब्बो मंसूर हादी को सउदी अरब भागने के लिए मजबूर होना पड़ा।
शिया मिलिशिया को हुदी के नाम से भी जाना जाता है। सउदी के नेतृत्व वाले करीब 10 देशों के गठबंधन ने यमन पर बमबारी शुरू करते हुए कहा कि वह हुदी और उसके सहयोगियों पर निशाना बना रहा है।
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