
सोनमर्ग:
कश्मीर के लोगों से संपर्क साधने का प्रयास करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि वह उन लोगों की ‘पीड़ा’ को समझने और देश के विकास की प्रक्रिया में जुड़ने के लिए उनकी मदद करना चाहते हैं।
एक साल के बाद कश्मीर की यात्रा पर आए राहुल ने कहा कि राज्य के युवकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और बिजली जैसे विभिन्न क्षेत्रों की विकास प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए।
शेख अब्दुल्ला और जवाहरलाल नेहरू तथा राजीव गांधी और फारूक अब्दुल्ला के करीबी संबंधों का जिक्र करते हुए राहुल ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं आपसे संबंध स्थापित करना चाहता हूं। ऐसा संबंध जो जीवनभर का हो।’ उन्होंने कहा कि वह राज्य की बेहतरी के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ उसी तरह मिलकर काम करना चाहते हैं।
कांग्रेस महासचिव राहुल एक सुरंग के शिलान्यास समारोह में सम्मानित अतिथि थे। इस सुरंग का निर्माण श्रीनगर और लेह के बीच हर मौसम में यातायात मुहैया कराने के लिए किया जा रहा है।
उन्हांने कहा, ‘मेरे यहां दो उद्देश्य है। पहला आपके साथ संबंध स्थापित करना और आपकी मुश्किलों का समझना..। दूसरा उद्देश्य कश्मीरी युवाओं को विकास प्रक्रिया से जोड़ना है।’ उन्होंने कहा कि देश का तेजी से विकास हो रहा है और कश्मीर में भी ऐसा ही होना चाहिए।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी, गैरपारंपरिक ऊर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला भी मौजूद थे। जल्दी ही राज्य का फिर दौरा करने का आश्वासन देते हुए राहुल ने कहा कि जम्मू और कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में सभी मौसम में यातायात सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा, ‘मुझे बताया गया कि सर्दियों में लद्दाख का संपर्क राज्य के बाकी हिस्से से कट जाता है। मुझे बताया गया है कि इस समस्या के हल के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।’ राहुल ने कहा, ‘देश प्रगति कर रहा है और जम्मू कश्मीर को भी उसी तरह से शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और बिजली जैसे क्षेत्रों में प्रगति करनी चाहिए। मैं राज्य के युवाओं से राज्य तथा देश की प्रगति में हाथ बंटाने की अपील करता हूं।’
कश्मीर से अपने परिवार के संबंध का जिक्र करते हुए अमेठी के सांसद ने कहा, ‘मेरा परिवार कश्मीर से आया है और हम कश्मीरी हैं। हमें कोई शक्ति अलग नहीं कर सकती।’ उन्होंने कहा कि पिछले साल उनकी कश्मीर यात्रा के दौरान उन्हें बताया गया था कि बर्फ गिरने के कारण लद्दाख और सोनमर्ग का संपर्क राज्य के शेष हिस्से से कट जाता है। ‘यह परियोजना क्षेत्रों को जोड़ने की दिशा में एक कदम है।’ साढ़े छह किलोमीटर लंबी सुरंग पर 2,717 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सीमा सड़क संगठन इसे पांच साल में तैयार करेगी। कार्यक्रम में मौजूद संगठन के महानिदेशक जनरल एस रवि शंकर ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि हम तय सीमा से पहले ही सुरंग को पूरा कर लेंगे। इसके अगस्त 2018 तक पूरा होने की उम्मीद है।’ सुरंग का निर्माण, परिचालन और हस्तांतरण आधार पर किया जाएगा।
इसके पहले लोगों को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कांग्रेस नेता की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि राहुल जल्दी ही देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। वहीं उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस नेता को अपना निजी मित्र बताया। उन्होंने कहा कि सोनमर्ग को करगिल के रास्ते लेह से जोड़ने का सपना पूरा होने जा रहा है।
उमर ने कहा कि लोगों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है खासकर सर्दियों के दिनों में। उनका संपर्क राज्य के शेष हिस्से से कट जाता है या उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पांच साल में इस सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और उसके बाद जोजिला सुरंग पर काम शुरू होगा।
सड़क सचिव एके उपाध्याय ने भी जोजिला में सुरंग बनाए जाने की चर्चा की ताकि श्रीनगर को करगिल और लेह से जोड़ा जा सके। 13 किलोमीटर लंबी इस सुरंग के निर्माण पर 5500 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
एक साल के बाद कश्मीर की यात्रा पर आए राहुल ने कहा कि राज्य के युवकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और बिजली जैसे विभिन्न क्षेत्रों की विकास प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए।
शेख अब्दुल्ला और जवाहरलाल नेहरू तथा राजीव गांधी और फारूक अब्दुल्ला के करीबी संबंधों का जिक्र करते हुए राहुल ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘मैं आपसे संबंध स्थापित करना चाहता हूं। ऐसा संबंध जो जीवनभर का हो।’ उन्होंने कहा कि वह राज्य की बेहतरी के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ उसी तरह मिलकर काम करना चाहते हैं।
कांग्रेस महासचिव राहुल एक सुरंग के शिलान्यास समारोह में सम्मानित अतिथि थे। इस सुरंग का निर्माण श्रीनगर और लेह के बीच हर मौसम में यातायात मुहैया कराने के लिए किया जा रहा है।
उन्हांने कहा, ‘मेरे यहां दो उद्देश्य है। पहला आपके साथ संबंध स्थापित करना और आपकी मुश्किलों का समझना..। दूसरा उद्देश्य कश्मीरी युवाओं को विकास प्रक्रिया से जोड़ना है।’ उन्होंने कहा कि देश का तेजी से विकास हो रहा है और कश्मीर में भी ऐसा ही होना चाहिए।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री सीपी जोशी, गैरपारंपरिक ऊर्जा मंत्री फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला भी मौजूद थे। जल्दी ही राज्य का फिर दौरा करने का आश्वासन देते हुए राहुल ने कहा कि जम्मू और कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में सभी मौसम में यातायात सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा, ‘मुझे बताया गया कि सर्दियों में लद्दाख का संपर्क राज्य के बाकी हिस्से से कट जाता है। मुझे बताया गया है कि इस समस्या के हल के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।’ राहुल ने कहा, ‘देश प्रगति कर रहा है और जम्मू कश्मीर को भी उसी तरह से शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और बिजली जैसे क्षेत्रों में प्रगति करनी चाहिए। मैं राज्य के युवाओं से राज्य तथा देश की प्रगति में हाथ बंटाने की अपील करता हूं।’
कश्मीर से अपने परिवार के संबंध का जिक्र करते हुए अमेठी के सांसद ने कहा, ‘मेरा परिवार कश्मीर से आया है और हम कश्मीरी हैं। हमें कोई शक्ति अलग नहीं कर सकती।’ उन्होंने कहा कि पिछले साल उनकी कश्मीर यात्रा के दौरान उन्हें बताया गया था कि बर्फ गिरने के कारण लद्दाख और सोनमर्ग का संपर्क राज्य के शेष हिस्से से कट जाता है। ‘यह परियोजना क्षेत्रों को जोड़ने की दिशा में एक कदम है।’ साढ़े छह किलोमीटर लंबी सुरंग पर 2,717 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सीमा सड़क संगठन इसे पांच साल में तैयार करेगी। कार्यक्रम में मौजूद संगठन के महानिदेशक जनरल एस रवि शंकर ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि हम तय सीमा से पहले ही सुरंग को पूरा कर लेंगे। इसके अगस्त 2018 तक पूरा होने की उम्मीद है।’ सुरंग का निर्माण, परिचालन और हस्तांतरण आधार पर किया जाएगा।
इसके पहले लोगों को संबोधित करते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कांग्रेस नेता की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि राहुल जल्दी ही देश के प्रधानमंत्री बनेंगे। वहीं उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस नेता को अपना निजी मित्र बताया। उन्होंने कहा कि सोनमर्ग को करगिल के रास्ते लेह से जोड़ने का सपना पूरा होने जा रहा है।
उमर ने कहा कि लोगों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ता है खासकर सर्दियों के दिनों में। उनका संपर्क राज्य के शेष हिस्से से कट जाता है या उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पांच साल में इस सुरंग का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और उसके बाद जोजिला सुरंग पर काम शुरू होगा।
सड़क सचिव एके उपाध्याय ने भी जोजिला में सुरंग बनाए जाने की चर्चा की ताकि श्रीनगर को करगिल और लेह से जोड़ा जा सके। 13 किलोमीटर लंबी इस सुरंग के निर्माण पर 5500 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
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