
जीएसटी समारोह के बहिष्कार को नितिन गडकरी ने 'तमाशा' करार दिया....
नई दिल्ली:
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस द्वारा जीएसटी समारोह का बहिष्कार करने पर तीखी प्रतिक्रिया प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस भ्रमित और गैर-जिम्मेदार है. दरअसल कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा था कि जीएसटी को आधे अधूरे स्वरूप में जल्दबाजी में लागू किया जा रहा है. नोटबंदी की तरह ही जीएसटी को एक अक्षम और असंवेदनशील सरकार द्वारा संस्थागत तैयारी के बगैर लागू किया जा रहा है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गडकरी ने कहा कि यह बचकानी हरकत है. उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पी. चिदंबरम ऐसे टिप्पणियां नहीं करेंगे.
गौरतलब है कि जीएसटी शुक्रवार आधी रात को लॉन्च हो जाएगा. इसके लिए संसद भवन में व्यापक तैयारियां की गई हैं. सरकार ने कांग्रेस से अपनी जिद छोड़कर समारोह में शामिल होने की अपील की थी लेकिन उसे मुख्य विपक्षी पार्टी द्वारा ठुकरा दिया गया है.
एनडीटीवी से चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, "कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने राज्यों में और संसद में कांग्रेस ने जीएसटी बिल का समर्थन किया था. अब वे उसे तमाशा कह रहे हैं. यह राजनीतिक बाध्यता है." उन्होने तीखे स्वर में कहा कि पहले वे जीएसटी को अपनी (कांग्रेस) देन बताते थे लेकिन अब वे अब उसका ही विरोध कर रहे हैं.
उधर, कांग्रेस ने दावा किया है कि 2011 में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी जीएसटी का समर्थन करने के लिए तैयार थे लेकिन गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसको रोककर रखा.
पूरे देश के व्यापारियों द्वारा जीएसटी का विरोध किए जाने के संबंध में सवाल पूछने पर गडकरी ने कहा कि इससे उन्हें फायदा होगा और केंद्र तथ राज्यों के राजस्व में बढ़ोतरी होगी. इंस्पेकटर राज समाप्त होगा. इससे व्यापारियों, ग्राहकों, सरकारों सभी को फायदा होगा.
गौरतलब यह भी है कि कांग्रेस के अलावा कई अन्य दल भी जीएसटी समारोह का विरोध कर रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस और आरजेडी ने जीएसटी समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है.
उल्लेखनीय है कि देश का सबसे बड़ा कर सुधार, गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स, यानी जीएसटी या वस्तु एवं सेवा कर, शुक्रवार की मध्यरात्रि (यानी शनिवार, 1 जुलाई, 2017) को संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया जाएगा. आज़ादी के बाद से यह चौथा मौका होगा, जब सेंट्रल हॉल में आधी रात को कोई समारोह आयोजित होगा.
गौरतलब है कि जीएसटी शुक्रवार आधी रात को लॉन्च हो जाएगा. इसके लिए संसद भवन में व्यापक तैयारियां की गई हैं. सरकार ने कांग्रेस से अपनी जिद छोड़कर समारोह में शामिल होने की अपील की थी लेकिन उसे मुख्य विपक्षी पार्टी द्वारा ठुकरा दिया गया है.
एनडीटीवी से चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, "कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने राज्यों में और संसद में कांग्रेस ने जीएसटी बिल का समर्थन किया था. अब वे उसे तमाशा कह रहे हैं. यह राजनीतिक बाध्यता है." उन्होने तीखे स्वर में कहा कि पहले वे जीएसटी को अपनी (कांग्रेस) देन बताते थे लेकिन अब वे अब उसका ही विरोध कर रहे हैं.
उधर, कांग्रेस ने दावा किया है कि 2011 में तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी जीएसटी का समर्थन करने के लिए तैयार थे लेकिन गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसको रोककर रखा.
पूरे देश के व्यापारियों द्वारा जीएसटी का विरोध किए जाने के संबंध में सवाल पूछने पर गडकरी ने कहा कि इससे उन्हें फायदा होगा और केंद्र तथ राज्यों के राजस्व में बढ़ोतरी होगी. इंस्पेकटर राज समाप्त होगा. इससे व्यापारियों, ग्राहकों, सरकारों सभी को फायदा होगा.
गौरतलब यह भी है कि कांग्रेस के अलावा कई अन्य दल भी जीएसटी समारोह का विरोध कर रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस और आरजेडी ने जीएसटी समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है.
उल्लेखनीय है कि देश का सबसे बड़ा कर सुधार, गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स, यानी जीएसटी या वस्तु एवं सेवा कर, शुक्रवार की मध्यरात्रि (यानी शनिवार, 1 जुलाई, 2017) को संसद के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया जाएगा. आज़ादी के बाद से यह चौथा मौका होगा, जब सेंट्रल हॉल में आधी रात को कोई समारोह आयोजित होगा.
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