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This Article is From Jun 23, 2017

जीएसटी लागू होने के बाद बढ़ेगा किसानों पर बोझ!

यूपी के दनकौर में खेती से गुजारा करने वाले पप्पू और संजय सिंह मॉनसून से पहले धान की बुवाई पूरी कर लेना चाहते हैं. उन्हें पता चला है कि 1 जुलाई के बाद यूरिया, डाई और कीटनाशक महंगे होने वाले हैं.

जीएसटी लागू होने के बाद बढ़ेगा किसानों पर बोझ!
फाइल फोटो
नई दिल्ली: सरकार एक जुलाई से देश भर में जीएसटी लागू करने की जोर-शोर से तैयारी कर रही है, लेकिन किसान इसकी नई दरों से निराश हैं. खाद पर 12% कर लगेगा, जबकि  कीटनाशकों पर 18% तक कर देना पड़ेगा. खुद को किसानों की हिमायती बताने वाली सरकार ने किसानों पर अतिरिक्त बोझ डालने की पूरी तैयारी कर ली है. यूपी के दनकौर में खेती से गुजारा करने वाले पप्पू और संजय सिंह मॉनसून से पहले धान की बुवाई पूरी कर लेना चाहते हैं. उन्हें पता चला है कि 1 जुलाई के बाद यूरिया, डाई और कीटनाशक महंगे होने वाले हैं. जीएसटी के बाद एक एकड़ में खेती करने की लागत लगभग 360 रुपये तक बढ़ जाएगी.

प्रति एकड़ लागत

           अब      जीएसटी के बाद
बीज        400रु        400रु
यूरिया      680रु       720रु
डाई        1050रु       1300रु
जिंक       250रु         270रु
कीटनाशक  550रु      600रु
कुल        2930 रु      3290रु

पप्पू बताते हैं कि उन्हें पता चला है कि जीएसटी के बाद खाद की कीमतें बढ़ने वाली है इसलिए पहले ही बुआई का काम खत्म कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों पर ही बोझ डालती है. नई दरों के मुताबिक किसानों को उर्वरकों पर 12%, कीटनाशकों पर 18% और ट्रैक्टर पर 12% कर देना पड़ेगा.

किसान नेता दुष्यंत नागर का कहना है कि "ट्रैक्टर के स्पेयर पार्ट्स पर तो 28% टैक्स लगेगा. हमने वित्त मंत्री अरुण जेटली जी से निवेदन किया है कि किसानों पर ये बोझ ना डालें". भारतीय किसान पहले ही कई मोर्चों पर बेतहाशा दबाव का सामना कर रहा है और टैक्सों का बढ़ा हुआ बोझ उसकी आमदनी में सेंध लगाएगा. अगर उपज की कीमतें किसी तरह बढ़ती भी हैं तो पूरे देश को दिक्कत होगी, क्योंकि खाने-पीने के सामानों के दाम बढ़ेंगे और इससे आम आदमी परेशानी में आ जाएगा. 
 

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