विज्ञापन
This Article is From Jun 06, 2015

रेलवे के अधीन हो जीआरपी तो यात्रियों को बेहतर सुरक्षा दे पाएंगे : प्रभु

रेलवे के अधीन हो जीआरपी तो यात्रियों को बेहतर सुरक्षा दे पाएंगे : प्रभु
कोलकाता: केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने शनिवार को कहा कि बेरोकटोक पुलिस व्यवस्था के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) का कामकाज उनके मंत्रालय को हस्तांतरित कर दिया जाना चाहिए, जिससे यात्रियों को बेहतर सुरक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, 'मैं चाहता हूं कि इस समय राज्य सरकारों के अधीन काम कर रही जीआरपी रेलवे को दे दी जाए।' प्रभु ने कहा कि इससे रेलवे को बेरोकटोक पुलिस व्यवस्था करने और यात्रियों को बेहतर सुरक्षा देने में मदद मिलेगी।

जीआरपी कानून व्यवस्था की स्थिति देखती है जो कि राज्य का विषय है। जीआरपी का 50 प्रतिशत वेतन रेलवे वहन करता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'कानून में संशोधन होना चाहिए ताकि यह कामकाज रेलवे को हस्तांतरित कर दिया जाए।' रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) आमतौर पर रेलवे की संपत्ति की देखरेख करती है।

प्रभु ने आरपीएफ से अपराधियों का एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने के लिए कहा और साथ ही कहा कि स्टेशनों एवं ट्रेन के डिब्बों में बड़ी संख्या में सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं।

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
सुरेश प्रभु, पुलिस, जीआरपी, आरपीएफ, Suresh Prabhu, GRP, Railway Ministry, Kolkata