
बेंगलुरु : बेंगलुरु में चल रहे एयरो इंडिया शो में फ्रांस के लड़ाकू विमान 'रफाल' ने आसमान में करतब के जरिये दिखाया कि दुनिया के सारे लड़ाकू विमानों को छोड़कर भारतीय वायुसेना ने क्यों उसे पसंद किया है।
हालांकि अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, फिर भी यह भारतीय रंग में पूरी तरह रंग गया है। इसीलिए उड़ान भरते हुए कॉकपिट से पायलट ने कहा- 'नमस्ते इंडिया'। बाद में जब इस बारे में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से पूछा गया तो उन्होंने कहा, मैंने अनुबंध समन्वय समिति से रिपोर्ट के लिए कहा है, मुझे उम्मीद है कि मार्च तक रिपोर्ट दे देंगे।
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit : बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
करीब तीन साल पहले सरकार ने फैसला किया था कि भारतीय वायुसेना के लिए 126 'रफाल' लड़ाकू विमान खरीदे जाएंगे, लेकिन अभी तक कीमतों को लेकर उसके साथ अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। 'रफाल' को बनाने वाले कंपनी डॉसाल्ट एवियेशन के सीईओ एरिक ट्रैपीयर ने एनडीटीवी से कहा कि हम भारत के रक्षा मंत्रालय के साथ अंतिम दौर की बातचीत कर रहे हैं। हमें पूरा यकीन है कि जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा। हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि इस कॉन्ट्रैक्ट पर कब तक अंतिम निर्णय हो जाएगा। यह सौदा शुरुआत में करीब 12 अरब डॉलर का था, जो 20 अरब डॉलर यानी 1,24,000 करोड़ रुपये का हो सकता है।
अगर 'रफाल' के साथ यह सौदा होता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा डीफेंस डील होगा। वैसे सरकार की ओर से जारी असमंजस के बावजूद राफेल ने उम्मीद का दामन नही छोड़ा है, क्योंकि उसे अच्छी तरह पता है कि यह एक सौदा कंपनी के वारे-न्यारे करा देगा।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं