बेंगलुरु : बेंगलुरु में चल रहे एयरो इंडिया शो में फ्रांस के लड़ाकू विमान 'रफाल' ने आसमान में करतब के जरिये दिखाया कि दुनिया के सारे लड़ाकू विमानों को छोड़कर भारतीय वायुसेना ने क्यों उसे पसंद किया है।
हालांकि अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, फिर भी यह भारतीय रंग में पूरी तरह रंग गया है। इसीलिए उड़ान भरते हुए कॉकपिट से पायलट ने कहा- 'नमस्ते इंडिया'। बाद में जब इस बारे में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से पूछा गया तो उन्होंने कहा, मैंने अनुबंध समन्वय समिति से रिपोर्ट के लिए कहा है, मुझे उम्मीद है कि मार्च तक रिपोर्ट दे देंगे।
करीब तीन साल पहले सरकार ने फैसला किया था कि भारतीय वायुसेना के लिए 126 'रफाल' लड़ाकू विमान खरीदे जाएंगे, लेकिन अभी तक कीमतों को लेकर उसके साथ अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। 'रफाल' को बनाने वाले कंपनी डॉसाल्ट एवियेशन के सीईओ एरिक ट्रैपीयर ने एनडीटीवी से कहा कि हम भारत के रक्षा मंत्रालय के साथ अंतिम दौर की बातचीत कर रहे हैं। हमें पूरा यकीन है कि जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा। हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि इस कॉन्ट्रैक्ट पर कब तक अंतिम निर्णय हो जाएगा। यह सौदा शुरुआत में करीब 12 अरब डॉलर का था, जो 20 अरब डॉलर यानी 1,24,000 करोड़ रुपये का हो सकता है।
अगर 'रफाल' के साथ यह सौदा होता है, तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा डीफेंस डील होगा। वैसे सरकार की ओर से जारी असमंजस के बावजूद राफेल ने उम्मीद का दामन नही छोड़ा है, क्योंकि उसे अच्छी तरह पता है कि यह एक सौदा कंपनी के वारे-न्यारे करा देगा।
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