
प्याज के निर्यात तथा बढ़ती कीमत पर अंकुश लगाने के लिये सरकार ने इसका न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) 300 डॉलर प्रति टन निर्धारित कर दिया।
राष्ट्रीय राजधानी में हाल के दिनों में प्याज की कीमत बढ़कर 25-30 रुपये प्रति किलो हो गई, जो पखवाड़े भर पहले 15-20 रुपये किलो थी। एमईपी वह दर होती है, जिसके नीचे निर्यात की अनुमति नहीं होती है। इस नीति को फिर से लागू किया गया है जबकि सिर्फ तीन महीने पहले मार्च में पिछली सरकार ने इसे खत्म किया था। वाणिज्य मंत्री ने एक अधिसूचना में कहा कि प्याज की हर किस्म के निर्यात पर 300 डॉलर प्रति दिन का एमईपी लागू होगा।
उपभोक्ता मामलों के सचिव केशव देसीराजू ने प्रधानमंत्री कार्यालय में ‘खाद्य मुद्रास्फीति से निपटने के उपाय’ के संबंध में आयोजित बैठक के बाद कहा, वाणिज्य मंत्रालय ने प्याज निर्यात पर नियंत्रण के लिए इसका 300 डॉलर प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) रखा है। सब्जी-फल और अनाज जैसे आवश्यक खाद्य पदाथरें की बढ़ती कीमत के कारण थोकमूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति मई में पांच महीने के उच्च स्तर 6.01 प्रतिशत पर आ गई। उन्होंने कहा कि देश से औसतन 15 लाख टन प्याज का निर्यात होता है।
देसीराजू ने कहा, एमईपी से घरेलू आपूर्ति बढ़ाने और कीमत को काबू में करने में मदद मिलने की संभावना है।
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