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This Article is From Aug 12, 2017

गोरखपुर हादसा: उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री इस्‍तीफा दें- गुलाम नबी आजाद

इस मौके पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यूपी सरकार की लापरवाही से यह हादसा हुआ. अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन की कमी थी.

गोरखपुर हादसा: उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री इस्‍तीफा दें- गुलाम नबी आजाद
गुलाम नबी आजाद ने यूपी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया.
  • गुलाम नबी आजाद के नेतृत्‍व में कांग्रेस डेलीगेशन गोरखपुर पहुंचा
  • कांग्रेस नेता ने हादसे के लिए यूपी सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया
  • पिछले 48 घंटों में 30 बच्‍चों की मौत हुई
गोरखपुर: गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हादसे के बाद वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद के नेतृत्‍व में कांग्रेस के डेलीगेशन ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया. इस मौके पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि यूपी सरकार की लापरवाही से यह हादसा हुआ. अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन की कमी थी. इस डेलीगेशन में आजाद के अलावा, आरपीएन सिंह, राज बब्‍बर और प्रमोद तिवारी मौजूद थे. उल्‍लेखनीय है कि गोरखपुर में पिछले पांच दिनों में 60 बच्चों की दर्दनाक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जान गंवाने वाले बच्चों में 5 नवजात शिशु भी थे. जबकि, यूपी सरकार का कहना है कि ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं हुई. 9 तारीख की आधी रात से लेकर 10 तारीख की आधी रात को 23 मौतें हुईं जिनमें से 14 मौतें नियो नेटल वॉर्ड यानी नवजात शिशुओं को रखने के वॉर्ड में हुई जिसमें प्रीमैच्योर बेबीज़ रखे जाते हैं. यह भी हैरतअंगेज है कि 10 अगस्त की रात को ऑक्सीजन की सप्लाई खतरनाक रूप से कम हो गई.

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अस्पताल के सूत्र कहते हैं कि ऑक्सीजन की सप्लाई में गड़बड़ी होने से बच्चों की मौत हुई है. यह अस्पताल प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद में आता है. पिछली 9-10 तारीख को खुद मुख्यमंत्री ने इस अस्पताल का दौरा किया था. उसके बाद भी इस तरह की लापरवाही सामने आई है. इस घटना पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है.

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डॉक्टर ने बताया कि जापानी बुखार से 8 से 12 बच्चे रोजाना मरते हैं...
हालांकि स्थानीय प्रशासन ने बच्चों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है. अस्पताल के डॉक्टर ने बताया था कि परसों यानी 10 अगस्त को 23 बच्चों और कल 7 बच्चों की मौत हुई है. ये मौतें आईसीयू में हुई हैं. सांसद कमलेश पासवान ने अस्पताल का दौरा किया. डॉक्टर ने बताया कि जापानी बुखार से 8 से 12 बच्चे रोजाना मरते हैं. मामला इसलिए भी ज्‍यादा गंभीर हो जाता है कि यह मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के गृह जनपद में हुआ है.

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जिलाधिकारी रौतेला ने पहले बताया था कि पिछले दो दिन में हुई मौतौं का ब्यौरा देते हुए बताया कि 'एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिन्ड्रोम यानी एईएस' वार्ड में पांच तथा जनरल वार्ड में आठ बच्चों की मृत्यु हुई. उन्होंने बताया कि गुरुवार मध्यरात्रि से अब तक नियो नेटल वार्ड में तीन, एईएस वार्ड में दो और जनरल वार्ड में दो बच्चों की मौत हुई. शेष 23 मौतें नौ अगस्त की मध्यरात्रि से दस अगस्त मध्यरात्रि के बीच हुईं. इस सवाल पर कि क्या ये मौतें आक्सीजन की कमी की वजह से हुईं, रौतेला ने कहा कि उन्हें मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से बताया है कि ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई.
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Gorakhpur Medical College, Gorakhpur Tragedy
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