
बीजेपी ने बयान जारी कर रहा है कि वाजपेयी रुटीन चेकअप के लिये भर्ती हुये हैं
नई दिल्ली:
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एम्स में भर्ती हैं. इस खबर पर बीजेपी की ओर से बयान जारी कर जानकारी दी गई है कि डॉक्टरों की सलाह पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सोमवार को दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (एम्स) में रूटीन चेकअप तथा जांच के लिए भर्ती कराया गया है. पूर्व प्रधानमंत्री एम्स निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया की निगरानी में रहेंगे. वाजपेयी की सेहत पर एम्स की ओर से मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया है जिसमें उनकी सेहत स्थिर बताई जा रही है. पूर्व प्रधामंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत का जायजा लेने आज पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी पहुंचे.
सूत्रों के अनुसार, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरॉलॉजी, पल्मोनोलॉजी तथा कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर उनकी जांच कर रहे हैं. AIIMS ने कार्डियक अरेस्ट की ख़बरों को खारिज किया है, और उनका कहना है कि यह रूटीन चेकअप है, और इसकी नौबत किसी खास वजह से नहीं आई है.
मेडिकल जांच में पूरा दिन लग सकता है, इसलिए संभावना है कि श्री वाजपेयी को रातभर AIIMS में ही रुकना पड़े.
काफी दिनों से बीमार हैं वाजपेयी
आपको बता दें कि वाजपेयी काफी दिनों से बीमार हैं और वह करीब 15 साल पहले राजनीति से संन्यास ले चुके हैं. अटल बिहारी वाजपेयी ने लाल कृष्ण आडवाणी के साथ मिलकर बीजेपी की स्थापना की थी और उसे सत्ता के शिखर पहुंचाया था. भारतीय राजनीति में अटल-आडवाणी की जोड़ी सुपरहिट साबित हुई है. अटल बिहारी देश के उन चुनिन्दा राजनेताओं में से हैं जिन्हें दूरदर्शी माना जाता है. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में ऐसे कई फैसले लिए जिसने देश और उनके खुदके राजनीतिक छवि को काफी मजबूती दी.
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पोखरण में परमाणु परीक्षण
उस दौर में जब देश की सत्ता संभालने वाले ज्यादातर प्रधानमंत्री ने भारत को विश्वशक्ति बनाने के लिए परमाणु बम का परीक्षण करने की बात कर रहे थे, वहीं अटल बिहारी वाजपेयी ने लीक से हटकर पहली बार पोखरण में एक के बाद एक पांच परमाणु बम परीक्षण करने का माद्दा दिखाया. उन्होंने बड़े ही गोपनीय तरीके से इस परीक्षण को अंजाम दिलाया.
क्या आप जानते हैं अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी को क्या कहा था?
बने पहले गैर- कांग्रेसी प्रधानमंत्री
अटल बिहारी वाजपेयी देश के पहले ऐसे गैर- कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने जिन्होंने बतौर प्रधानमंत्री पांच साल सरकार चलाई. इससे पहले ऐसा कोई भी बड़ा नेता नहीं कर पाया था.
सोनिया गांधी की नजरों में यह है पीएम नरेंद्र मोदी और अटल बिहारी वाजपेयी के बीच अंतर
पहले ऐसे सांसद जो चार राज्यों से चुने गए
अटल बिहारी वाजपेयी इतने चर्चित और लोकप्रिय थे कि उन्होंने एक अलग कीर्तिमान स्थापित किया. वह पहले ऐसे सांसद बने जिन्हें चार राज्यों यूपी, एमपी, गुजरात और दिल्ली से चुना गया.
जवाहरलाल नेहरू ने अटल बिहारी वाजपेयी से कहा था- आप प्रधानमंत्री बनेंगे
पहली बार बनाई गठबंधन की सरकार
अटल बिहारी वाजपेयी देश के पहले ऐसे राजनेता थे जिन्होंने पहली बार गठबंधन की सरकार बनाई. न सिर्फ उन्होंने सरकार बनाई बल्कि सभी को साथ लेकर भी चले. उनके इस सफल प्रयास ने भारतीय राजनीति को हमेशा हमेशा के लिए बदलकर रख दिया.
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यूएन में हिन्दी में संबोधित किया
अटल बिहारी वाजपेयी का हिन्दी के प्रति लगाव सबसे ज्यादा था. यही वहज थी कि जब वह बतौर पीएम यूएन में संबोधन के लिए गए तो उन्होंने वहां हिन्दी भाषा में ही संबोधित किया. वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे.
मिला भारत रत्न
वर्ष 2015 में उन्हें भारत के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया. उनके साथ-साथ पंडित मदन मोहन मालवीय को भी यह सम्मान दिया गया.
वीडियो : जब पीएम मोदी ने वाजपेयी के काम को याद किया
सूत्रों के अनुसार, नेफ्रोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरॉलॉजी, पल्मोनोलॉजी तथा कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर उनकी जांच कर रहे हैं. AIIMS ने कार्डियक अरेस्ट की ख़बरों को खारिज किया है, और उनका कहना है कि यह रूटीन चेकअप है, और इसकी नौबत किसी खास वजह से नहीं आई है.
Delhi: Prime Minister Narendra Modi arrives at All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) to visit former PM Atal Bihari Vajpayee. pic.twitter.com/NRnDSCsBlH
— ANI (@ANI) June 11, 2018
मेडिकल जांच में पूरा दिन लग सकता है, इसलिए संभावना है कि श्री वाजपेयी को रातभर AIIMS में ही रुकना पड़े.
Congress President Rahul Gandhi visited All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) to meet former PM Atal Bihari Vajpayee, who is currently admitted there for a routine-check-up. pic.twitter.com/fiIECqbxJy
— ANI (@ANI) June 11, 2018
काफी दिनों से बीमार हैं वाजपेयी
आपको बता दें कि वाजपेयी काफी दिनों से बीमार हैं और वह करीब 15 साल पहले राजनीति से संन्यास ले चुके हैं. अटल बिहारी वाजपेयी ने लाल कृष्ण आडवाणी के साथ मिलकर बीजेपी की स्थापना की थी और उसे सत्ता के शिखर पहुंचाया था. भारतीय राजनीति में अटल-आडवाणी की जोड़ी सुपरहिट साबित हुई है. अटल बिहारी देश के उन चुनिन्दा राजनेताओं में से हैं जिन्हें दूरदर्शी माना जाता है. उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में ऐसे कई फैसले लिए जिसने देश और उनके खुदके राजनीतिक छवि को काफी मजबूती दी.
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पोखरण में परमाणु परीक्षण
उस दौर में जब देश की सत्ता संभालने वाले ज्यादातर प्रधानमंत्री ने भारत को विश्वशक्ति बनाने के लिए परमाणु बम का परीक्षण करने की बात कर रहे थे, वहीं अटल बिहारी वाजपेयी ने लीक से हटकर पहली बार पोखरण में एक के बाद एक पांच परमाणु बम परीक्षण करने का माद्दा दिखाया. उन्होंने बड़े ही गोपनीय तरीके से इस परीक्षण को अंजाम दिलाया.
क्या आप जानते हैं अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी को क्या कहा था?
बने पहले गैर- कांग्रेसी प्रधानमंत्री
अटल बिहारी वाजपेयी देश के पहले ऐसे गैर- कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने जिन्होंने बतौर प्रधानमंत्री पांच साल सरकार चलाई. इससे पहले ऐसा कोई भी बड़ा नेता नहीं कर पाया था.
सोनिया गांधी की नजरों में यह है पीएम नरेंद्र मोदी और अटल बिहारी वाजपेयी के बीच अंतर
पहले ऐसे सांसद जो चार राज्यों से चुने गए
अटल बिहारी वाजपेयी इतने चर्चित और लोकप्रिय थे कि उन्होंने एक अलग कीर्तिमान स्थापित किया. वह पहले ऐसे सांसद बने जिन्हें चार राज्यों यूपी, एमपी, गुजरात और दिल्ली से चुना गया.
जवाहरलाल नेहरू ने अटल बिहारी वाजपेयी से कहा था- आप प्रधानमंत्री बनेंगे
पहली बार बनाई गठबंधन की सरकार
अटल बिहारी वाजपेयी देश के पहले ऐसे राजनेता थे जिन्होंने पहली बार गठबंधन की सरकार बनाई. न सिर्फ उन्होंने सरकार बनाई बल्कि सभी को साथ लेकर भी चले. उनके इस सफल प्रयास ने भारतीय राजनीति को हमेशा हमेशा के लिए बदलकर रख दिया.
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यूएन में हिन्दी में संबोधित किया
अटल बिहारी वाजपेयी का हिन्दी के प्रति लगाव सबसे ज्यादा था. यही वहज थी कि जब वह बतौर पीएम यूएन में संबोधन के लिए गए तो उन्होंने वहां हिन्दी भाषा में ही संबोधित किया. वह ऐसा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे.
मिला भारत रत्न
वर्ष 2015 में उन्हें भारत के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया. उनके साथ-साथ पंडित मदन मोहन मालवीय को भी यह सम्मान दिया गया.
वीडियो : जब पीएम मोदी ने वाजपेयी के काम को याद किया
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