
प्रतीकात्मक फोटो
श्रीनगर:
पिछले 24 घंटो में जम्मू इलाके में इंटरनेशनल बार्डर से लेकर लाइन ऑफ कंट्रोल पर पाकिस्तान की ओर से कई इलाकों में गोलाबारी की जा रही है. पाक गोलाबारी में आरएसपुरा सेक्टर में एक जवान शहीद हो गया वहीं कश्मीर में एलओसी पर तंगघार में घुसपैठ की कोशिश को सेना ने नाकाम कर दिया. सेना की इस कार्रवाई में उसका एक जवान शहीद हो गया वहीं एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया.
इंटरनेशनल बार्डर यानी आईबी पर 2014 के बाद से फायरिंग लगभग बंद थी, लेकिन अचानक 19-20 की रात से पाक की ओर से गोलाबारी की शुरुआत होती है जो अब तक जारी है. इसके बाद से आईबी पर लगातार फायरिंग जारी है.
एक हफ्ते के भीतर अब तक बीएसएफ के तीन जवान शहीद हो गए हैं, वहीं बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में आठ पाक रेंजर्स के जवान मारे गए हैं और एक जवान घायल हुआ है.
इंटरनेशनल बॉर्डर की बात करें तो कठुआ, हीरानगर, आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में ज्यादा पाक की ओर से गोलाबारी हो रही है. पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है.
बड़ी बात यह है कि यहां आईबी पर गांव बसे हुए हैं. लोग खेती बाड़ी करते हैं. फायरिंग के डर से लोग घर-बार छोड़ कर सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं. एक हफ्ते के भीतर 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं.
वहीं, एलओसी पर जम्मू का पलांनवाला, सुंदरबनी, नौशेरा, राजौरी, बीजी, मेढ़र, कृष्णा घाटी और पूंछ तक में पाक की ओर से लगातार युद्धविराम का उल्लंघन किया जा रहा है. लेकिन इधर एक हफ्ते से मेंढर से जम्मू तक एलओसी पर युद्धविराम का उल्लंघन हो रहा है खासकर ज्यादातर पलांनवाला, नौशेरा, राजौरी और मेंढर सेक्टर तक.
यहां भी पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम और 120 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है. राजौरी में पाक फायरिंग में 10 दिन पहले एक जवान की मौत भी हुई थी. वहीं, दो दिन पहले नौशेरा में सेना की फायरिंग में तीन पाक जवानों के मारे जाने की खबर भी है.
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब तक पाक की ओर से 50 दफा से अधिक युद्धविराम का उल्लंघन किया जा चुका है. ऐसा माना जा रहा है कि इस पूरे इलाके में यद्धविराम उल्लंघन के पीछे मकसद सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेना मकसद है. वो सीधे तो कुछ कर नहीं सकते हैं, लेकिन युद्धविराम उल्लंघन की आड़ में गोलाबारी कर नुकसान तो पहुंचा ही सकते हैं. साथ ही उनकी कोशिश यह भी है कि गोलाबारी की आड़ में मौका मिले तो आतंकियों की घुसपैठ करा एं.
बता दें कि सेना और बीएसएफ को साफ निर्देश हैं कि पाक की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना है, यानि एक फायर हो तो आप दो फायर खोलें. लेकिन यहां दिक्कत ये भी है कि पाकिस्तानी जवान अपने बंकर या पोस्ट से छिपकर फायर करते हैं जबकि बीएसएफ और सेना के जवान फायरिंग से जवाब भी देते हैं और पेट्रोलिंग भी करते हैं क्योंकि आतंकी तो पाकिस्तान से आएगें यहां से जाएंगे नहीं.
इंटरनेशनल बार्डर यानी आईबी पर 2014 के बाद से फायरिंग लगभग बंद थी, लेकिन अचानक 19-20 की रात से पाक की ओर से गोलाबारी की शुरुआत होती है जो अब तक जारी है. इसके बाद से आईबी पर लगातार फायरिंग जारी है.
एक हफ्ते के भीतर अब तक बीएसएफ के तीन जवान शहीद हो गए हैं, वहीं बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में आठ पाक रेंजर्स के जवान मारे गए हैं और एक जवान घायल हुआ है.
इंटरनेशनल बॉर्डर की बात करें तो कठुआ, हीरानगर, आरएस पुरा और अरनिया सेक्टर में ज्यादा पाक की ओर से गोलाबारी हो रही है. पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है.
बड़ी बात यह है कि यहां आईबी पर गांव बसे हुए हैं. लोग खेती बाड़ी करते हैं. फायरिंग के डर से लोग घर-बार छोड़ कर सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं. एक हफ्ते के भीतर 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं.
वहीं, एलओसी पर जम्मू का पलांनवाला, सुंदरबनी, नौशेरा, राजौरी, बीजी, मेढ़र, कृष्णा घाटी और पूंछ तक में पाक की ओर से लगातार युद्धविराम का उल्लंघन किया जा रहा है. लेकिन इधर एक हफ्ते से मेंढर से जम्मू तक एलओसी पर युद्धविराम का उल्लंघन हो रहा है खासकर ज्यादातर पलांनवाला, नौशेरा, राजौरी और मेंढर सेक्टर तक.
यहां भी पाक की ओर से छोटे हथियार, मशीनगन, 82 एमएम और 120 एमएम मोर्टार तक इस्तेमाल किया जा रहा है. राजौरी में पाक फायरिंग में 10 दिन पहले एक जवान की मौत भी हुई थी. वहीं, दो दिन पहले नौशेरा में सेना की फायरिंग में तीन पाक जवानों के मारे जाने की खबर भी है.
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब तक पाक की ओर से 50 दफा से अधिक युद्धविराम का उल्लंघन किया जा चुका है. ऐसा माना जा रहा है कि इस पूरे इलाके में यद्धविराम उल्लंघन के पीछे मकसद सर्जिकल स्ट्राइक का बदला लेना मकसद है. वो सीधे तो कुछ कर नहीं सकते हैं, लेकिन युद्धविराम उल्लंघन की आड़ में गोलाबारी कर नुकसान तो पहुंचा ही सकते हैं. साथ ही उनकी कोशिश यह भी है कि गोलाबारी की आड़ में मौका मिले तो आतंकियों की घुसपैठ करा एं.
बता दें कि सेना और बीएसएफ को साफ निर्देश हैं कि पाक की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना है, यानि एक फायर हो तो आप दो फायर खोलें. लेकिन यहां दिक्कत ये भी है कि पाकिस्तानी जवान अपने बंकर या पोस्ट से छिपकर फायर करते हैं जबकि बीएसएफ और सेना के जवान फायरिंग से जवाब भी देते हैं और पेट्रोलिंग भी करते हैं क्योंकि आतंकी तो पाकिस्तान से आएगें यहां से जाएंगे नहीं.
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