
दाऊद-खडसे फोन कॉल मामला : हैकर मनीष ने सीबीआई जांच की मांग की (फाइल फोटो)
मुंबई:
अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और राजस्व मंत्री एकनाथ खडसे के फ़ोन कॉल्स मामले में हैकर मनीष भांगले ने अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख़ किया। मनीष ने सोमवार को मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए पिटिशन फ़ाइल की है।
'मेरे परिवार को परेशान किया जा रहा है...'
दाऊद इब्राहिम-एकनाथ खडसे फ़ोन कॉल मामले में सोमवार को हैकर मनीष भांगले ने बॉम्बे हाई कोर्ट में पिटीशन फ़ाइल की। भांगले ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की है। मनीष भांगले, एथिकल हैकर ने कहा, "मेरे घर पर भाजपा के लोग आकर धमकियां दे रहे हैं, मेरे परिवारवालों को परेशान किया जा रहा है। रोज़ाना कोई न कोई आकर उन्हें धमका रहा है।"
मनीष ने कहा- सीबीआई को सौंपे मामले की जांच
मनीष भांगले ने अपनी पिटीशन में मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने की मांग की है। मनीष का आरोप है कि उसके पास मौजूद इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के साथ छेड़ छाड़ की जा रही है है और कई महत्वपूर्ण जानकारियां हैकिंग के ज़रिये डिलीट कर दी गयी हैं।
मनीष अपनी पिटीशन में खडसे द्वारा कॉल डीटेल्स का डेमो देने को भी गैर कानूनी बता रहे हैं। उनका कहना है, "खडसे ने मंत्रालय में अपने बचाव में पत्रकारों को डेमो देते हुए जिस वेबसाइट का इस्तेमाल किया था, वह वेबसाइट बैन है। खडसे द्वारा इसका इस्तेमाल गैर कानूनी है।" मामले की अगली सुनवाई अब 6 जून को होगी।
'मेरे परिवार को परेशान किया जा रहा है...'
दाऊद इब्राहिम-एकनाथ खडसे फ़ोन कॉल मामले में सोमवार को हैकर मनीष भांगले ने बॉम्बे हाई कोर्ट में पिटीशन फ़ाइल की। भांगले ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की है। मनीष भांगले, एथिकल हैकर ने कहा, "मेरे घर पर भाजपा के लोग आकर धमकियां दे रहे हैं, मेरे परिवारवालों को परेशान किया जा रहा है। रोज़ाना कोई न कोई आकर उन्हें धमका रहा है।"
मनीष ने कहा- सीबीआई को सौंपे मामले की जांच
मनीष भांगले ने अपनी पिटीशन में मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने की मांग की है। मनीष का आरोप है कि उसके पास मौजूद इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के साथ छेड़ छाड़ की जा रही है है और कई महत्वपूर्ण जानकारियां हैकिंग के ज़रिये डिलीट कर दी गयी हैं।
मनीष अपनी पिटीशन में खडसे द्वारा कॉल डीटेल्स का डेमो देने को भी गैर कानूनी बता रहे हैं। उनका कहना है, "खडसे ने मंत्रालय में अपने बचाव में पत्रकारों को डेमो देते हुए जिस वेबसाइट का इस्तेमाल किया था, वह वेबसाइट बैन है। खडसे द्वारा इसका इस्तेमाल गैर कानूनी है।" मामले की अगली सुनवाई अब 6 जून को होगी।
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