
नई दिल्ली:
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को घोषणा कि उनकी सरकार दो नगर निगमों के सफाई कर्मचारियों, डॉक्टरों और टीचरों के अप्रैल और मई के लंबित वेतन जारी करेगी। केजरीवाल ने ऐसा करके इस मुद्दे पर आप और बीजेपी सरकार के बीच जारी गतिरोध समाप्त कर दिया।
इस घोषणा पर भीड़ ने प्रसन्नता जताई, केजरीवाल ने इस मौके का इस्तेमाल नगर निगमों पर हमला करने के लिए किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नीत निगमों में वेतन का पैसा ‘भ्रष्टाचार के चलते गायब हो गया।’ उन्होंने एमसीडी कर्मचारियों से कहा कि अभी तो मैं किसी तरह से आपकी सैलरी का इंतजाम कर रहा हूं। लेकिन अगले महीने भी आपकी सैलरी नहीं आयी तो पार्षदों, बीजेपी मुख्यालय व पीएम मोदी के पास जाकर मांगना।
उन्होंने रामलीला मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘कभी-कभी मैं सोचता हूं कि वेतन क्यों नहीं दिये गए। ऐसा एमसीडी के इतिहास में कभी नहीं हुआ। लेकिन हमारी सरकार के सत्ता संभालने के एक महीने बाद ही यह मुद्दा सामने आया। जब लोग महापौरों के पास धनराशि जारी करने के लिए गए तो उन्होंने उन्हें मेरे पास भेज दिया..‘जाओ और केजरीवाल से मांगो और मैंने महसूस किया कि कुछ चीजों का राजनीतिकरण किया जा रहा है।’
केजरीवाल ने कहा, ‘ईडीएमसी के लिए हम 293 करोड़ रुपये दे रहे हैं जबकि पिछले साल राष्ट्रपति शासन के दौरान केंद्र से अप्रैल-मई के लिए 178 करोड़ रुपये मिले थे।’ उन्होंने कहा, ‘एनडीएमसी के लिए हम 575 करोड़ दे रहे हैं जो कि इसी अवधि में पिछले साल 327 करोड़ रुपये थे। लेकिन हम यह आपको काफी प्रयासों के बाद दे रहे हैं, कृपया फिर नहीं मांगिएगा।’
इस बीच आप सरकार ने सोमवार को बीजेपी नीत उत्तरी दिल्ली नगर निगम पर आरोप लगाया कि नगर निगम में वेतन के लिए निर्धारित धनराशि का इस्तेमाल ‘तरणताल और स्टेडियम’ निर्माण में किया गया। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रामलीला मैदान में एक कार्यक्रम में यह बात कही।
वहीं दिल्ली बीजेपी ने मुख्यमंत्री केजरीवाल पर यह आरोप लगाते हुए हमला किया कि उन्होंने नगर निगम के कर्मचारियों को उनके वेतन का भुगतान नहीं होने को लेकर बीजेपी नेताओं के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करने के लिए ‘उकसाया।’
दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल नगर निगम के कर्मचारियों के वेतन भुगतान के मुद्दे पर अपनी जिम्मेदारियों से ‘बच’ रहे हैं।
धन आवंटन पर केजरीवाल ने केंद्र पर हमला बोला
केजरीवाल ने धन आवंटन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को खूब खरी-खरी सुनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दिल्ली की जनता का ‘खून चूस’ रही है।
दिल्ली के रामलीला मैदान में सफाई कर्मियों की एक रैली को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने आश्वासन दिया कि वह धन के संकट से जूझते नगरीय निकायों की स्थिति से केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को अवगत कराएंगे।
उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा सीधे बीजेपी शासित नगर निकायों को धन आवंटित किए जाने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली के लोग केंद्र सरकार को 1,30,000 करोड़ रुपये का कर अदा करते हैं। कुछ लोगों ने मुझे सलाह दी कि मुझे केंद्र सरकार से लड़ना नहीं चाहिए, अन्यथा वह दिल्ली सरकार को धन नहीं देगी।’
उन्होंने कहा, ‘मैं आपसे (सफाई कर्मियों) से कहना चाहता हूं कि केंद्र सरकार हमें धन नहीं देती, बल्कि हम उन्हें धन देते हैं जो दिल्लीवालों का खून चूस रही है।’ मंगोलिया को ऋण सुविधा दिए जाने का हवाला देते हुए केजरीवाल ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मंगोलिया को धन दे सकते हैं तो यदि आप (सफाई कर्मी) उनसे संपर्क करेंगे तो वह आपका वेतन भी दे देंगे।
इस घोषणा पर भीड़ ने प्रसन्नता जताई, केजरीवाल ने इस मौके का इस्तेमाल नगर निगमों पर हमला करने के लिए किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी नीत निगमों में वेतन का पैसा ‘भ्रष्टाचार के चलते गायब हो गया।’ उन्होंने एमसीडी कर्मचारियों से कहा कि अभी तो मैं किसी तरह से आपकी सैलरी का इंतजाम कर रहा हूं। लेकिन अगले महीने भी आपकी सैलरी नहीं आयी तो पार्षदों, बीजेपी मुख्यालय व पीएम मोदी के पास जाकर मांगना।
उन्होंने रामलीला मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘कभी-कभी मैं सोचता हूं कि वेतन क्यों नहीं दिये गए। ऐसा एमसीडी के इतिहास में कभी नहीं हुआ। लेकिन हमारी सरकार के सत्ता संभालने के एक महीने बाद ही यह मुद्दा सामने आया। जब लोग महापौरों के पास धनराशि जारी करने के लिए गए तो उन्होंने उन्हें मेरे पास भेज दिया..‘जाओ और केजरीवाल से मांगो और मैंने महसूस किया कि कुछ चीजों का राजनीतिकरण किया जा रहा है।’
केजरीवाल ने कहा, ‘ईडीएमसी के लिए हम 293 करोड़ रुपये दे रहे हैं जबकि पिछले साल राष्ट्रपति शासन के दौरान केंद्र से अप्रैल-मई के लिए 178 करोड़ रुपये मिले थे।’ उन्होंने कहा, ‘एनडीएमसी के लिए हम 575 करोड़ दे रहे हैं जो कि इसी अवधि में पिछले साल 327 करोड़ रुपये थे। लेकिन हम यह आपको काफी प्रयासों के बाद दे रहे हैं, कृपया फिर नहीं मांगिएगा।’
इस बीच आप सरकार ने सोमवार को बीजेपी नीत उत्तरी दिल्ली नगर निगम पर आरोप लगाया कि नगर निगम में वेतन के लिए निर्धारित धनराशि का इस्तेमाल ‘तरणताल और स्टेडियम’ निर्माण में किया गया। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रामलीला मैदान में एक कार्यक्रम में यह बात कही।
वहीं दिल्ली बीजेपी ने मुख्यमंत्री केजरीवाल पर यह आरोप लगाते हुए हमला किया कि उन्होंने नगर निगम के कर्मचारियों को उनके वेतन का भुगतान नहीं होने को लेकर बीजेपी नेताओं के कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन करने के लिए ‘उकसाया।’
दिल्ली प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल नगर निगम के कर्मचारियों के वेतन भुगतान के मुद्दे पर अपनी जिम्मेदारियों से ‘बच’ रहे हैं।
धन आवंटन पर केजरीवाल ने केंद्र पर हमला बोला
केजरीवाल ने धन आवंटन के मुद्दे पर केंद्र सरकार को खूब खरी-खरी सुनाई। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दिल्ली की जनता का ‘खून चूस’ रही है।
दिल्ली के रामलीला मैदान में सफाई कर्मियों की एक रैली को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने आश्वासन दिया कि वह धन के संकट से जूझते नगरीय निकायों की स्थिति से केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को अवगत कराएंगे।
उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा सीधे बीजेपी शासित नगर निकायों को धन आवंटित किए जाने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, ‘दिल्ली के लोग केंद्र सरकार को 1,30,000 करोड़ रुपये का कर अदा करते हैं। कुछ लोगों ने मुझे सलाह दी कि मुझे केंद्र सरकार से लड़ना नहीं चाहिए, अन्यथा वह दिल्ली सरकार को धन नहीं देगी।’
उन्होंने कहा, ‘मैं आपसे (सफाई कर्मियों) से कहना चाहता हूं कि केंद्र सरकार हमें धन नहीं देती, बल्कि हम उन्हें धन देते हैं जो दिल्लीवालों का खून चूस रही है।’ मंगोलिया को ऋण सुविधा दिए जाने का हवाला देते हुए केजरीवाल ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मंगोलिया को धन दे सकते हैं तो यदि आप (सफाई कर्मी) उनसे संपर्क करेंगे तो वह आपका वेतन भी दे देंगे।
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