
गर्मियां बढ़ने पर शहर में पानी का संकट बढ़ने की स्थिति में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में इसकी कमी होने पर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और दूतावासों को छोड़कर वीआईपी को जलापूर्ति में कटौती करने का निर्देश दिया है।
दिल्ली विधानसभा में केजरीवाल ने कहा कि पानी की किसी तरह की कमी होने पर कुछ को छोड़कर सभी वीआईपी को इसका सामना करना पड़ेगा। साथ ही, उन्होंने बीजेपी शासित हरियाणा पर दिल्ली चुनाव के बाद शहर में पानी की आपूर्ति में कटौती करने को लेकर हमला बोला।
केजरीवाल ने कहा, ‘पानी पर कोई राजनीति नहीं होगी। इस साल यदि पानी की किसी तरह की कमी होती है तो दिल्ली जल बोर्ड को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर कोई इसे महसूस करे। मुझसे लेकर सभी वीआईपी पानी की आपूर्ति में कमी का सामना करेंगे। सिर्फ प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, दूतावास और आपात सेवा को छूट प्राप्त होगी।’
इस वक्त केंद्र एवं दिल्ली के मंत्रियों, सांसदों और शीर्ष नौकरशाहों सहित सभी वीआईपी को निर्बाध जलापूर्ति होती है। दिल्ली जल बोर्ड ने आरोप लगाया है कि 'आप' के सत्ता में आने के बाद से हरियाणा से मुनक नहर के जरिए पानी की आपूर्ति में कमी आ गई है। गौरतलब है कि दिल्ली अशोधित पानी के लिए हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों पर काफी हद तक निर्भर करता है।
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