कोरोना वायरस : वेस्टर्न और सेंट्रल रेलवे ने प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत 10 से बढ़ाकर 50 रुपये की

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है. पहला मकसद है कि एक जगह पर ज्यादा भीड़ न इकट्ठा होने पाए. इसी कड़ी में वेस्टर्न रेलवे ने प्लेटफार्म टिकट का दाम 10 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया है ताकि रेलवे स्टेशन में ज्यादा भीड़ न होने पाए.

कोरोना वायरस : वेस्टर्न और सेंट्रल रेलवे ने प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत 10 से बढ़ाकर 50 रुपये की

कोरोना वायरस को रोकने के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है

खास बातें

  • कोरोना वायरस को रोकने के उपाय जारी
  • भीड़ न इकट्ठा होने देने की कवायद
  • बढ़े प्लेटफॉर्म टिकट
नई दिल्ली:

कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है. पहला मकसद है कि एक जगह पर ज्यादा भीड़ न इकट्ठा होने पाए. इसी कड़ी में वेस्टर्न रेलवे ने प्लेटफार्म टिकट का दाम 10 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया है ताकि रेलवे स्टेशन में ज्यादा भीड़ न होने पाए. वेस्टर्न रेलवे स्टेशन के अंर्तगत 6 डिवीज़न आते हैं  जिनमें मुम्बई, वडोदरा, रतलाम, भावनगर, अहमदाबाद और राजकोट हैं.इन सब डिवीज़न को मिलाकर कुल 250 स्टेशन हैं. जिस पर ये बढ़ी कीमत लागू है. इसके अलावा सेंट्रल रेलवे ने भी प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत 50 रुपये कर दी है. सेंट्रल रेलवे में नागपुर, मुम्बई का सीएसटी, भुसावल, पुणे और सोलापुर आते हैं. 

और क्या उठाए जाने चाहिए कदम

  1. निजी क्षेत्र को जांच करने की इजाजत दी जानी चाहिए. वर्तमान में सरकार द्वारा 1896 के प्लेग से निपटने के एक कानून को लागू किए जाने की वजह से निजी प्रयोगशालाओं द्वारा ऐसे टेस्ट करना प्रतिबंधित‍ है.
  2. भारत ने कई अंतरराष्ट्रीय जांच किट पर प्रतिबंध लगा रखा है जिनका इस्तेमाल विदेशों में हो रहा है. इन परीक्षणों की अभी भी जांच की जा रही है. इन टेस्ट‍िंग किटों में कई (उदाहरण के लिए Roche व अन्य) अमेरिका और यूरोप में भी इस्तेमाल हो रहा है.
  3. वर्तमान में सरकारी अस्पतालों में मरीजों द्वारा लाइन में खड़े होने को भी तुरंत बंद किया जाना चाहिए. लाइन में खड़े होने के समय लोग संभावित रूप से एक दूसरे को संक्रमित कर रहे हैं. लोगों के घरों से नाक के स्वाब एकत्र करके टेस्ट किए जाने चाहिए. इसके लिए भारी संख्या में सैंपल इकट्ठा करने वालों की जरूरत है. केवल निजी क्षेत्र को शामिल करके भारत यह महत्वपूर्ण सेवा प्रदान कर सकता है.
  4. जांच मुफ्त में की जानी चाहिए. सरकार को यह सुनिश्चत करने के लिए तुरंत बड़े पैमाने पर फंड निर्धारित करने की जरूरत है.
  5. संक्रमित मरीजों को निजी अस्पतालों में दखिल किए जाने पर से प्रतिबंध तुरंत हटा लेना चाहिए. वास्तव में, सरकार को इस बात पर जोर देना चाहिए कि कोरोना वायरस के रोगियों को भार्ती करने के लिए निजी अस्पताल आसोलेशन वार्ड बनाएं.
  6. जब जांच व्यापक पैमाने पर की जाएगी, तब बहुत बड़ी तादाद में लोगों को कोरोनावायरस से ग्रसित पाया जाएगा. यह ज़रूरी है कि हर ऐसे व्यक्ति से बेहद बारीकी से बातचीत की जाए, ताकि पता लगाया जा सके कि वह किस-किस से संपर्क में आया. यह बहुत बड़ा काम है, जिसके लिए बड़ी तादाद में प्रशिक्षित लोगों की ज़रूरत होगी. इसके लिए सेना को तैनात किए जाने की ज़रूरत है. इस बड़ी ज़रूरत को पूरा करने के लिए उनके पास पर्याप्त संख्याबल तथा प्रशिक्षण भी है.

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