
Coronavirus: कोविड-19 के खिलाफ बीसीजी के टीके का प्रभाव पता करने के लिए आईसीएमआर अध्ययन करेगा और जब तक कोई निश्चित परिणाम नहीं मिल जाता तब तक स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भी इसकी सिफारिश नहीं की जाएगी. बैसिलस कालमेट गुएरिन (बीसीजी) टीके का इस्तेमाल क्षयरोग (टीबी) से बचाव के लिए किया जाता है.
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वैज्ञानिक डॉ रमन आर गंगाखेड़कर ने कहा कि संस्थान अगले सप्ताह कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ टीके के प्रभाव का पता लगाने के लिए अध्ययन शुरू करेगा. उन्होंने शुक्रवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में टीके के इस्तेमाल के संबंध में पूछे गये प्रश्न के जवाब में कहा, ‘‘जब तक अध्ययन के नतीजे नहीं आ जाते और प्रमाण नहीं मिल जाते, तब तक हम स्वास्थ्य कर्मियों को भी टीके की सिफारिश नहीं करेंगे.''
उन्होंने कहा कि बच्चे के जन्म के तत्काल बाद बीसीजी का टीका दिया जाता है. गंगाखेड़कर ने कहा कि यह टीका किसी को टीबी के संक्रमण के जोखिम से पूरी तरह नहीं बचाता बल्कि आंशिक संरक्षण प्रदान करता है.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं