
चुनाव में करारी हार का मुंह देखने के बाद कांग्रेस शनिवार से उसकी समीक्षा शुरू करेगी, जब एके एंटनी की अगुवाई वाला पैनल हार के कारणों के विश्लेषण के लिए पार्टी की दिल्ली इकाई के नेताओं से मिलेगा।
कपिल सिब्बल, अजय माकन, जेपी अग्रवाल, संदीप दीक्षित समेत सभी सातों उम्मीदवारों को फीडबैक के लिए बुलाया गया है। सातों उम्मीदवार चुनाव हार गए थे। एंटनी और कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक राष्ट्रीय राजधानी में सभी सातों सीटों पर हार के कारणों का जायजा लेंगे।
पार्टी सू़त्रों ने बताया कि एंटनी आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों, विधायकों दल के नेताओं और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलेंगे ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि लोकसभा में पार्टी क्यों हारी। यह कवायद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर हो रही है, जिन्हें निर्णय लेने वाली पार्टी की शीर्ष इकाई कांग्रेस कार्यसमिति ने संगठन में जरूरी फेरबदल करने के लिए अधिकृत किया है।
एंटनी एक रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसे संसद के बजट सत्र से पहले अंतिम रूप दिया जा सकता है। ऐसी चर्चा है हि कांग्रेस महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु समेत 10 राज्यों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों को बदलने के साथ ही महाराष्ट्र, असम एवं हरियाणा में मुख्यमंत्रियों को बदलने पर विचार कर रही है। कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में महज 44 सीटें मिलीं।
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