New Delhi:
शांति भंग होने की आशंका में अन्ना हजारे को हिरासत में लिए जाने की तुलना गृहमंत्री पी चिदंबरम ने बीजेपी नेता लालकृष्ण आडवाणी को अक्टूबर, 1990 में बिहार में गिरफ्तार किए जाने से की, जब वहां लालू प्रसाद मुख्यमंत्री थे। लोकसभा में हजारे प्रकरण पर बुधवार को हुई चर्चा का जवाब देते हुए चिदंबरम ने अन्ना की गिरफ्तारी को सही बताते हुए कहा कि किसी को केवल किसी नियम का उल्लंघन करने पर ही नहीं, बल्कि नियमों का उल्लंघन होने की आशंका के चलते भी गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज की इस दलील को माना कि अन्ना को जहां गिरफ्तार किया गया, वहां धारा 144 नहीं लगी थी। उन्होंने कहा, लेकिन उन्हें इस आशंका में पुलिस ने हिरासत में लिया कि कहीं वह जेपी मैदान में जाकर ऐसा करने का प्रयास नहीं करें, जिससे शांति-व्यवस्था भंग होने का खतरा पैदा हो। सदन में आडवाणी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसे ही जब लालकृष्णजी की राम रथ यात्रा को बिहार के तत्तकालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने समस्तीपुर में ही रुकवा कर शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका में गिरफ्तार करा दिया था। हालांकि आडवाणी ने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया था। इस पर सदन में मौजूद लालू ने मुस्कुराते हुए कहा, जो आरके सिंह आज आपके गृह सचिव हैं, उन्होंने ही आडवाणी जी को गिरफ्तार किया था। इस तुलनात्मक घटना का उल्लेख होने पर सारे सदन में ठहाके लगते रहे और आडवाणी भी मुस्कुराते नजर आए।
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