
नई दिल्ली:
नेशनल हेराल्ड मसले पर मंगलवार को राज्यसभा की कार्यवाही बिल्कुल नहीं चल पाई। इस मामले में सरकार पर बदले की राजनीति का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के सांसदों ने सभापति के आसन के समक्ष जाकर नारेबाजी करना जारी रखा, जिसकी वजह से दिन भर में सदन की कार्यवाही छह बार स्थगित करनी पड़ी।
तीन बजे उप सभापति ने कार्यवाही को बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया। तीन बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर गुलाम नबी आज़ाद ने आरोप लगाया कि सरकार कांग्रेस समेत सभी दलों के साथ बदले की भावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले 'कांग्रेस मुक्त भारत' का नारा लगाया जाता था, लेकिन ऐसा लगता है कि चुनाव के बाद ऐसा सरकार कांग्रेस ही नहीं, बल्कि विपक्ष मुक्त भारत पर काम कर रही है।
गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अपने मंत्रियों पर लगे आरोपों के बाद कोई कार्रवाई नहीं की लेकिन विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ लगातार बदले की भावना से काम किया जा रहा है। आजाद ने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे देश में दो कानून चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की बेटी की शादी के वक्त उन पर रेड करवाई गई, भय का वातावरण निर्मित किया जा रहा है और सभी दल सरकार के इस दोहरे रवैये को महसूस कर रहे हैं।
गुलाम नबी आजाद के सवाल का जवाब देते हुए सदन के नेता अरुण जेटली ने कहा कि अगर आरोप बदले की राजनीति का लगाया जा रहा है तो इस विषय पर संसद में चर्चा कराई जाए, वो हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। जेटली ने कहा कि यह खोखला नारा मत लगाइए कि सभी दलों के खिलाफ ऐसा हो रहा है। जेटली ने कहा कि इस सरकार ने ऐसी कोई नाजायज कार्रवाई नहीं की है, बल्कि ऐसा कांग्रेस के जमाने में होता था।
जेटली ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में जो हुआ है वह सरकार ने नहीं, न्यायपालिका ने किया है। ऐसे विषय का जवाब देना है तो कोर्ट के सामने जवाब दीजिए। सदन के सामने नहीं।
जेटली के जवाब पर भी कांग्रेस सांसद उप सभापति के आसन के करीब जाकर हंगामा करते रहे। इस बीच संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी ने कहा कि अभी कांग्रेस सांसदों को 10-15 साल तक यही करना है। इसके बाद उप सभापति ने कार्यवाही को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया।
तीन बजे उप सभापति ने कार्यवाही को बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दिया। तीन बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर गुलाम नबी आज़ाद ने आरोप लगाया कि सरकार कांग्रेस समेत सभी दलों के साथ बदले की भावना से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले 'कांग्रेस मुक्त भारत' का नारा लगाया जाता था, लेकिन ऐसा लगता है कि चुनाव के बाद ऐसा सरकार कांग्रेस ही नहीं, बल्कि विपक्ष मुक्त भारत पर काम कर रही है।
गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अपने मंत्रियों पर लगे आरोपों के बाद कोई कार्रवाई नहीं की लेकिन विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ लगातार बदले की भावना से काम किया जा रहा है। आजाद ने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे देश में दो कानून चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री की बेटी की शादी के वक्त उन पर रेड करवाई गई, भय का वातावरण निर्मित किया जा रहा है और सभी दल सरकार के इस दोहरे रवैये को महसूस कर रहे हैं।
गुलाम नबी आजाद के सवाल का जवाब देते हुए सदन के नेता अरुण जेटली ने कहा कि अगर आरोप बदले की राजनीति का लगाया जा रहा है तो इस विषय पर संसद में चर्चा कराई जाए, वो हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं। जेटली ने कहा कि यह खोखला नारा मत लगाइए कि सभी दलों के खिलाफ ऐसा हो रहा है। जेटली ने कहा कि इस सरकार ने ऐसी कोई नाजायज कार्रवाई नहीं की है, बल्कि ऐसा कांग्रेस के जमाने में होता था।
जेटली ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में जो हुआ है वह सरकार ने नहीं, न्यायपालिका ने किया है। ऐसे विषय का जवाब देना है तो कोर्ट के सामने जवाब दीजिए। सदन के सामने नहीं।
जेटली के जवाब पर भी कांग्रेस सांसद उप सभापति के आसन के करीब जाकर हंगामा करते रहे। इस बीच संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख़्तार अब्बास नकवी ने कहा कि अभी कांग्रेस सांसदों को 10-15 साल तक यही करना है। इसके बाद उप सभापति ने कार्यवाही को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया।
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