
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बुधवार को छह नए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के समावेशन के लिए प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 में संशोधन और इसी अधिनियम के तहत आईएसएम, धनबाद को आईआईटी में रूपांतरण के लिए पूर्व-व्यापी मंजूरी दे दी गई।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, छह नए आईआईटी में शामिल हैं तिरुपति (आंध्र प्रदेश), पलक्कड़ (केरल), धारवाड़ (कर्नाटक), भिलाई (छत्तीसगढ़), गोवा और जम्मू (जम्मू-कश्मीर)।
बयान के मुताबिक, इस मंजूरी से प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 के दायरे में प्रौद्योगिकी के छह नए संस्थानों को शामिल किया जाएगा और उन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रूप में घोषित किया जाएगा। इसके अलावा आईएसएम, धनबाद का रूपांतरण करके आईआईटी बनाने को भी मंजूरी देकर प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 के दायरे में लाया गया है और उसे राष्ट्रीय महत्व के एक संस्थान के रूप में घोषित किया गया है।
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, छह नए आईआईटी में शामिल हैं तिरुपति (आंध्र प्रदेश), पलक्कड़ (केरल), धारवाड़ (कर्नाटक), भिलाई (छत्तीसगढ़), गोवा और जम्मू (जम्मू-कश्मीर)।
बयान के मुताबिक, इस मंजूरी से प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 के दायरे में प्रौद्योगिकी के छह नए संस्थानों को शामिल किया जाएगा और उन्हें राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के रूप में घोषित किया जाएगा। इसके अलावा आईएसएम, धनबाद का रूपांतरण करके आईआईटी बनाने को भी मंजूरी देकर प्रौद्योगिकी संस्थान अधिनियम, 1961 के दायरे में लाया गया है और उसे राष्ट्रीय महत्व के एक संस्थान के रूप में घोषित किया गया है।
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