नई दिल्ली:
योग गुरु बाबा रामदेव के गुरु महंत शंकरदेव की पांच साल पहले रहस्यमय तरीके से लापता होने के मामले की सीबीआई जांच कराई जाएगी। उत्तराखंड सरकार ने यह फ़ैसला किया है।
16 जुलाई 2007 को हरिद्वार के अपने आश्रण से महंत शंकरदेव लापता हो गए थे। जानकारी के मुताबिक वह सुबह की सैर पर निकले और फिर अपने आश्रम में लौटे ही नहीं।
बाबा रामदेव के क़रीबी सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने हरिद्वार के कनखल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच की और 10 अप्रैल 2012 को फाइनल रिपोर्ट दी जिसके आधार पर ये केस बंद कर दिया गया।
महंत शंकरदेव दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट और कृपालु बाग आश्रम ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक थे। उन्होंने स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को अपने शिष्य के तौर पर चुना था। उनकी गुमशुदगी के मामले को कांग्रेस शुरू से ही संदिग्ध मानती रही है।
16 जुलाई 2007 को हरिद्वार के अपने आश्रण से महंत शंकरदेव लापता हो गए थे। जानकारी के मुताबिक वह सुबह की सैर पर निकले और फिर अपने आश्रम में लौटे ही नहीं।
बाबा रामदेव के क़रीबी सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने हरिद्वार के कनखल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच की और 10 अप्रैल 2012 को फाइनल रिपोर्ट दी जिसके आधार पर ये केस बंद कर दिया गया।
महंत शंकरदेव दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट और कृपालु बाग आश्रम ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक थे। उन्होंने स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को अपने शिष्य के तौर पर चुना था। उनकी गुमशुदगी के मामले को कांग्रेस शुरू से ही संदिग्ध मानती रही है।
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