
प्रतीकात्मक तस्वीर
मुंबई:
बीएमसी ने खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई करते हुए एक बार फ़िर एक सूची जारी की है। इस बार सूची में बीएमसी ने 712 इमारतों को खतरनाक इमारतों की श्रेणी में रखा है। इनमें से 156 इमारतें जो जर्जर अवस्था में थीं उन्हें गिरा दिया गया और 186 के बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए गए हैं। बाकी इमारतों में लोग अब भी रह रहे हैं।
सह-आयुक्त पल्लवी दराडे ने एनडीटीवी से कहा, 'बड़े पैमाने पर इस साल हमने खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई की है। इन इमारतों में रोजाना बीएमसी, फायर डिपार्टमेंट, पुलिस और अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी मिला कर कुल 8 लोग जा रहे हैं और लोगों से उन इमारतों को खाली करने की अपील कर रहे हैं। इसके साथ ही जिन इमारतों के केस कोर्ट में चल रहे हैं उनके संबंध में हमने कोर्ट को जानकारी दे दी है।
इसके साथ ही यह भी गौर करने वाली बात है कि जहां आज तक खतरनाक इमारतों की श्रेणी में रिहायशी इमारतें गैर रिहायशी इमारतों से ज्यादा हुआ करती थीं वहीं इस बार ठीक इसका उल्टा है।' पिछले महीने ठाणे और डोंबिवली में दो खतरनाक इमारतों के गिर जाने से बड़ा हादसा हुआ था। थाने में 12 लोगों की मौत हुई थी और 7 लोग घायल हुए थे। और डोंबिवली में 9 लोगों की मौत हुई और 25 लोग घायल हुए थे। इन दोनों ही इमारतों को संबंधित म्युनिसिपैलिटियों की तरफ से खाली करने के नोटिस जारी किए गए थे।
बीएमसी का कहना है कि मॉनसून के शुरू होने से पहले ही उसने सभी खतरनाक इमारतों को नोटिस जारी किए गए थे। संबंधित पुलिस स्टेशन में भी इसकी जानकारी दी जाती है। समय-समय पर बार-बार नोटिस जारी करके लगातार लोगों से ऐसी इमारतों को खाली करने की अपील की जाती है।
सह-आयुक्त पल्लवी दराडे ने एनडीटीवी से कहा, 'बड़े पैमाने पर इस साल हमने खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई की है। इन इमारतों में रोजाना बीएमसी, फायर डिपार्टमेंट, पुलिस और अन्य संबंधित विभाग के अधिकारी मिला कर कुल 8 लोग जा रहे हैं और लोगों से उन इमारतों को खाली करने की अपील कर रहे हैं। इसके साथ ही जिन इमारतों के केस कोर्ट में चल रहे हैं उनके संबंध में हमने कोर्ट को जानकारी दे दी है।
इसके साथ ही यह भी गौर करने वाली बात है कि जहां आज तक खतरनाक इमारतों की श्रेणी में रिहायशी इमारतें गैर रिहायशी इमारतों से ज्यादा हुआ करती थीं वहीं इस बार ठीक इसका उल्टा है।' पिछले महीने ठाणे और डोंबिवली में दो खतरनाक इमारतों के गिर जाने से बड़ा हादसा हुआ था। थाने में 12 लोगों की मौत हुई थी और 7 लोग घायल हुए थे। और डोंबिवली में 9 लोगों की मौत हुई और 25 लोग घायल हुए थे। इन दोनों ही इमारतों को संबंधित म्युनिसिपैलिटियों की तरफ से खाली करने के नोटिस जारी किए गए थे।
बीएमसी का कहना है कि मॉनसून के शुरू होने से पहले ही उसने सभी खतरनाक इमारतों को नोटिस जारी किए गए थे। संबंधित पुलिस स्टेशन में भी इसकी जानकारी दी जाती है। समय-समय पर बार-बार नोटिस जारी करके लगातार लोगों से ऐसी इमारतों को खाली करने की अपील की जाती है।
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