अब यह साफ होने लगा है कि दिल्ली में बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी कर रही है। अगले एक हफ्ते में इस बारे में फैसला होने के आसार हैं। फैसले के ऐलान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिल्ली वापसी का इंतजार किया जा रहा है।
हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि सरकार बनाने को लेकर बीजेपी में एक राय नहीं है। पार्टी के एक धड़े को सरकार बनाने पर कोई ऐतराज नहीं है, जबकि दूसरा धड़ा मानता है कि इससे आम आदमी पार्टी को फायदा होगा। इसलिए इस मुद्दे पर फैसला शायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही करेंगे।
दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने एनडीटीवी इंडिया से बात करते हुए कहा कि फिलहाल हमारे पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है...यदि उपराज्यपाल हमें बुलाते हैं, तब देखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के विचारों को मीडिया के समक्ष सार्वजनिक करना उनके लिए सही नहीं होगा। केजरीवाल के खरीद-फरोख्त के आरोप का भी उन्होंने मजाक उड़ाया।
सतीश उपाध्याय ने दिल्ली के बीजेपी सांसदों के साथ मुलाकात की और आज बीजेपी के विधायकों से मिल रहे हैं। उधर, एक विज्ञापन में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल बीजेपी पर जोड़तोड़ करके सरकार बनाने की कोशिश के आरोप लगा रहे हैं।
बीजेपी के दिल्ली में सरकार गठन की राह तलाशने से जुड़ी खबरों के सामने आने के साथ आम आदमी पार्टी (आप) ने उस पर विधायकों को 'खरीदने' की कोशिश और सौदेबाजी करने का आरोप लगाया। आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने आरोप लगाया कि बीजेपी दूसरे पार्टी के विधायकों को खरीदने की बेशर्मी से कोशिश कर रही है...लोकतंत्र, संविधान का मखौल उड़ाया जा रहा है...इस विधानसभा को भंग किया जाना चाहिए, आगे चलकर लेफ्टिनेंट गवर्नर साहब की साख पर बट्टा न लग जाए।
इससे पूर्व आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को एक रिकॉर्ड किए गए संदेश में कहा था, बीजेपी कई विधायकों को 20-20 करोड़ रुपये की पेशकश कर घटिया और अनैतिक तरीकों से सरकार गठन की कोशिश कर रही है। क्या यह लोकतंत्र है? यह पूरी तरह गलत है।
उन्होंने कहा, अगर बीजेपी इस तरह अनैतिक तरीकों से और करोड़ों रुपये खर्च कर सरकार बनाती है, तो इस तरह की बेईमान सरकार आपके बिजली के बिल ही बढ़ाएगी, भ्रष्टाचार में लिप्त होगी और मूल्य वृद्धि करेगी। 'आप' द्वारा फोन कॉल के माध्यम से लोगों द्वारा पहुंचाए जाने वाले संदेश में केजरीवाल ने कहा, क्या सौदेबाजी जैसे घटिया तरीकों से बनी सरकार महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध करा पाएगी? दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने संदेश में प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा, श्री नरेंद्र मोदी चुप क्यों हैं? बहुत हो गया। अब दिल्ली की जनता चुप नहीं रहेगी।
केजरीवाल के आरोप पर दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली की जनता को गुमराह करते हैं...केजरीवाल क्या बोलते हैं और कब पलट जाते हैं, ये बताना जरूरी नहीं है...बेबुनियाद आरोप लगाना उनकी आदत है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में इससे पहले दिसंबर, 2013 में चुनाव हुए थे, जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता से राजनेता बने अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन कर 28 सीटें हासिल की थीं, और सत्ता में लौटने के प्रति आश्वस्त दिख रही भारतीय जनता पार्टी को बहुमत से पहले 32 सीटों पर रोक दिया था।
इसी कारण बीजेपी को सरकार बनाने की कोशिश से बाज़ आना पड़ा था, और आखिरकार कई दिन की जद्दोजहद के बाद अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस के आठ विधायकों के बिना शर्त समर्थन से सरकार बनाई थी। सिर्फ 49 दिन सरकार में रहने के बाद अरविंद केजरीवाल की सरकार ने इस्तीफा दे दिया था, और विधानसभा को निलंबित कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था।
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