दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में डेढ़ लाख का आरोपी बदमाश गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच के डीसीपी दीपक यादव के मुताबिक उनकी टीम को यूपी के वांटेड अपराधी परवेज सैफी उर्फ ​​शातिर के दिल्ली में छिपे होने के बारे में जानकारी मिली. 

दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में डेढ़ लाख का आरोपी बदमाश गिरफ्तार

आरोपी पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में डकैती और हत्या के प्रयास सहित कई मामले दर्ज हैं.

नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मुठभेड़ के बाद एक कुख्यात बदमाश को गिरफ्तार किया है. आरोपी पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने डेढ़ लाख का इनाम रखा हुआ था. आरोपी पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में डकैती और हत्या के प्रयास सहित कई मामले दर्ज हैं. उसने हरिद्वार की एसओजी टीम और मुज्जफरनगर, यूपी के मीरापुर पुलिस स्टेशन पर फायरिंग की थी. क्राइम ब्रांच के डीसीपी दीपक यादव के मुताबिक उनकी टीम को यूपी के वांटेड अपराधी परवेज सैफी उर्फ ​​शातिर के दिल्ली में छिपे होने के बारे में जानकारी मिली. 

उन्होंने बताया कि बीते साल 27 अप्रैल को मुरादाबाद के बिलारी थाने में रेणु चौधरी नाम की महिला ने केस दर्ज कराया, जिसमें कहा गया था कि दो लोगों ने खुद को इलेक्ट्रीशियन बताकर उनके घर में प्रवेश किया और अपने अन्य तीन सहयोगियों की मदद से बंदूक की नोक पर घर में रखे सभी गहने और नकदी लूट ली. बाद में, जांच के दौरान 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मुख्य आरोपी परवेज सैफी उर्फ ​​शातिर भाग गया था. मेरठ में एक दूसरी लूट के मामले में भी वह वांछित था.

डीसीपी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर बिना समय बर्बाद किये पुलिस टीम ने 26-27 मार्च की रात को न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन के पास एक नाले के पास से गुजरने वाली सड़क पर जाल बिछाया. दोपहर करीब 2:30 बजे अशोक नगर की ओर से एक लड़का टोपी पहने स्कूटी से जाते हुए दिखाई दिया. पहचान होने पर टीम ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने अपनी स्कूटी तेज कर दी. पुलिस टीम ने उसकी स्कूटी के सामने कार लगा दी. आरोप है कि सैफी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाब में पुलिस ने फायरिंग की, जिससे सैफी को पैर में गोली लगी और उसे पकड़ लिया गया. पुलिस के मुताबिक 32 साल का बदमाश परवेज सैफी मुजफ्फरनगर का रहने वाला है.

पूछताछ में पता चला है कि आरोपी परवेज सैफी पहले जेसीबी का ड्राइवर था, लेकिन बाद में 2013 में दुबई चला गया. वहां जेसीबी के ड्राइवर के रूप में 2018 तक काम किया. बाद में वो अपने घर वापस आ गया. यहां आकर वह सहारनपुर के शाहिद के साथ अपराध में शामिल हो गया और उसके बाद ट्रांस यमुना के कुख्यात गैंगस्टर शब्बीर चौधरी के साथ हाथ मिला लिया. 

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