नई दिल्ली:
स्वान टेलीकाम के प्रवर्तक शाहिद उस्मान बलवा ने अपने उस बयान को वापस ले लिया है जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को 2जी स्पेक्ट्रम मामले में गवाह बनाया जाना चाहिए था। बलवा ने वकील ने कल इस मामले की सुनवाई कर रही विशेष सीबीआई अदालत में कहा था कि प्रधानमंत्री को इस मामले में गवाह के रूप में बुलाया जाना चाहिए था। बलवा ने बृहस्पतिवार को अदालत में दायर अर्जी में कहा कि मीडिया ने उसकी बात को गलत तरीके से पेश किया और उसे बिना संदर्भ के मामले की रपट पेश करने से रोका जाए। उसने साफ किया कि उसकी ओर से कभी यह नहीं कहा गया था कि प्रधानमंत्री को गवाह के कठघरे में खड़ा किया जाए। बलवा के वकील विजय अग्रवाल ने अदालत से आग्रह किया, मीडिया को निर्देश दिया जाए कि वह केवल इस अदालत के आदेश को और लिखित रूप प्रस्तुत बातों को ही रिपोर्ट करे, उन्हें बिना संदर्भ के बातों को रखने से रोका जाए। विशेष सीबीआई जज ओपी सैनी ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 2 मई तय की है। बलवा के एक अन्य वकील वकील माजिद मेमन ने कल अपने मुअक्किल की जमानत की अर्जी पर जिरह करते हुए अदालत में कहा था कि यदि सीबीआई इस मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और प्रधानमंत्री के बीच पत्रों को सबूत के रूप में पेश कर रही है, तो उसे प्रधानमंत्री को मामले में गवाह बनाना चाहिए।
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