
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली नई केंद्र सरकार को बने इस हफ्ते एक महीना पूरा हो जाएगा। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों और अफसरों को तीन क्षेत्रों पर तत्काल ध्यान देने और कार्रवाई करने को कहा है।
वैसे सरकार की प्राथमिकता बिगड़ी अर्थव्यस्था को पटरी पर लाना तो है ही, लेकिन प्रधानमंत्री तीन कामों को सबसे पहले पूरा होते हुए देखना चाहते हैं। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया है कि केंद्र और राज्यों के बीच संबंधों को बेहतर बनाया जाए, जनता की शिकायतों और तकलीफों को दूर किया जाए और सेना के लिए जरूरी हथियारों और औजारों को बिना किसी देरी के उपलब्ध करवाया जाए।
प्रधानमंत्री अफसरों को पहले ही यह निर्देश दे चुके हैं कि कार्यों में होने वाली देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा है कि लाल फीताशाही कम करके जवाबदेही और क्षमता बढ़ाई जाए। अब वह चाहते हैं कि नौकरशाह उनके दफ्तरों में आने वाली शिकायतों का जल्द से जल्द निपटारा करें। इनमें भी सोशल मीडिया और वेबसाइटों पर दर्ज होने वाली फ्लाइट्स, ट्रेन टिकट, ट्रेन यात्रा, टेलिकॉम, बैंकिंग, हेल्थ और पेंशन से जुड़ी शिकायतों को खासतौर से तरजीह दी जाएगी।
इसके अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय में एक स्पेशल सेल भी बनाई गई है जो इस बात पर निगरानी रखेगी कि समस्याएं कितनी जल्दी हल हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी फैसला किया है कि वह महीने में कम से कम एक बार सेना प्रमुखों से मिला करेंगे।
पीएमओ का निर्देश :-
जनता की शिकायत
-सार्वजनिक जीवन से जुड़ी शिकायतों का निपटारा पीएमओ करेगा।
-नागरिक उड्डयन, रेलवे, पोस्ट, टेलीकॉम, बैंकिंग, स्वास्थ्य और पेंशन से जुड़े मामलों को प्राथमिकता
-पीएमओ में खास अधिकारी को मामले के समाधान में तेजी लाने का जिम्मा
केंद्र और राज्यों के बीच संबंध
-राज्य सरकारों की शिकायत को उच्च प्राथमिकता देना
-90 दिनों से ज्यादा समय तक लंबित पड़े मामलों को प्राथमिकता
-पीएमओ अधिकारी राज्य के प्रतिनिधियों से हर 15 दिनों पर मिलेंगे
सुरक्षा
-वन रैंक वन पेंशन को पूरी तरह से लागू करना
-वार मेमोरियल का निर्माण करना
-रोड मैप तैयार करना
-पीएम हर महीने सभी सेना प्रमुखों से एक−एक कर मिलेंगे
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