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This Article is From Dec 21, 2017

आतंकियों के डर से कश्‍मीर छोड़ने वाले अंजुम ने सिविल सर्विस में किया टॉप, ये है सपना

कश्मीर मे आतंकियों के डर से घर छोड़ कर भागे एक परिवार के बेटे ने कश्मीर प्रशासनिक सेवा में टॉप किया और अब वो वापस अपने इलाके में जाकर वहां के नौजवानों में शिक्षा के जरिए अपनी मंजिल हासिल करने का संदेश देना चाहता है.

आतंकियों के डर से कश्‍मीर छोड़ने वाले अंजुम ने सिविल सर्विस में किया टॉप, ये है सपना
आतंकियों के डर से कश्‍मीर छोड़ने वाले अंजुम ने सिविल सर्विस में किया टॉप
जम्‍मू-कश्‍मीर: कश्मीर मे आतंकियों के डर से घर छोड़ कर भागे एक परिवार के बेटे ने कश्मीर प्रशासनिक सेवा में टॉप किया और अब वो वापस अपने इलाके में जाकर वहां के नौजवानों में शिक्षा के जरिए अपनी मंजिल हासिल करने का संदेश देना चाहता है.

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कश्मीर प्रशासनिक सेवा में टॉप करने वाले 27 साल के अंजुम बशीर खान तब सिर्फ नौ साल के थे जब आतंकियों ने सुरनकोट के एक दूरदराज गांव में उनके घर को जला दिया, क्योंकि उनके माता-पिता ने अपने बड़े बेटे को आतंकी बनाने की इजाज़त नहीं दी थी. किसी तरह जान बचाकर भागे परिवार ने जम्मू में शरण ली.

परिवार के मुताबिक उन्होंने आतंकियों के सामने झुकने से इंकार कर दिया, नब्बे के दशक में सूरनकोट आतंकवाद से बुरी तरह प्रभावित इलाकों में शुमार था. अंजुम के पिता मोहम्मद बशीर का कहना है कि उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए कड़ी मेहनत की ताकि वे शांति और विकास के दूत बन सकें.

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2015 में कश्मीर प्रशासनिक सेवा के लिए 12 हजार से भी ज्यादा उम्मीदवार शामिल हुए जबकि इसके लिए सिर्फ 51 का ही चुनाव हुआ.

VIDEO: जम्मू कश्मीर में आतंकियों को मुख्यधारा में लाने की कोशिश
 

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