एयरफोर्स चीफ ने उड़ाया हल्का लड़ाकू विमान 'तेजस', दूसरा स्क्वाड्रन शामिल होने से बढ़ जाएगी वायुसेना की ताकत

वायुसेना प्रमुख आर.के.एस भदौरिया ने सुलूर में 45वीं स्क्वाड्रन के साथ खुद सिंगल सीट वाले हल्के लड़ाकू विमान तेजस को उड़ाया.

एयरफोर्स चीफ ने उड़ाया हल्का लड़ाकू विमान 'तेजस', दूसरा स्क्वाड्रन शामिल होने से बढ़ जाएगी वायुसेना की ताकत

वायुसेना प्रमुख ने उड़ाया लड़ाकू विमान तेजस

नई दिल्ली:

भारत और चीन के बीच इस समय सीमा पर गतिरोध की लगातार खबरें आ रही हैं. इस बीच, भारतीय वायुसेना (IAF) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल आर.के.एस भदौरिया ने बुधवार को हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस (Tejas) में सुलूर स्टेशन से उड़ान भरी. वायुसेना प्रमुख ने सुलूर में 45वीं स्क्वाड्रन के साथ खुद सिंगल सीट वाले हल्के लड़ाकू विमान तेजस को उड़ाया. तमिलनाडु के सुलूर वायुसेना स्टेशन में तेजस लड़ाकू विमानों के दूसरे स्क्वाड्रन को वायुसेना को सौंपने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया गया. दूसरे स्क्वाड्रन के वायुसेना में शामिल होने से वायुसेना की ताकत बढ़ जाएगी. ये पुराने तेजस से एडवांस हैं. 

इस अवसर पर भारतीय वायुसेना ने अपने ट्वीट में कहा- वायु सेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल आर के एस भदौरिया ने आज सुबह #LCA तेजस लड़ाकू विमान में वायुसेना स्टेशन सुलूर में उड़ान भरी. वायु सेना प्रमुख आज #मेक-इन-इंडिया तेजस के वायु सेना में दूसरे स्क्वाड्रन #18स्क्वाड्रन के पूर्ण संचालन हेतु वायु सेना स्टेशन, सुलूर की यात्रा पर है.

यह तेजस पुराने तेजस से एडवांस (उन्नत) है, जिससे इसकी ताकत और बढ़ गई है. तेजस का पहला स्क्वॉड्रन बेंगलुरू में 2016 में दो लड़ाकू विमान के साथ शुरू हुआ था. लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानी कि LCA तेजस से सुसज्जित होने वाली 18वीं स्क्वॉड्रन वायुसेना का तेजस उड़ाने वाली दूसरी स्क्वॉड्रन होगी. तमिलनाडु के कोयंबटूर के करीब सुलूर स्थित एयरफोर्स स्टेशन पर 18वीं स्क्वाड्रन की तैनाती होगी. हिंद महासागर में चीन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए 18वीं स्क्वॉड्रन को ऑपरेशनल किया जा रहा है.


 वायुसेना के 18वीं स्क्वॉड्रन को फ्लाइंग बुलेट्स भी कहा जाता है. इसकी स्थापना 15 अप्रैल, 1965 में की गई थी जिसका लक्ष्य है- 'तीव्र और निर्भय'. 18वीं स्क्वॉड्रन ने 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में हिस्सा लिया था. ये स्क्वॉड्रन सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र से भी सम्मानित हो चुका है. इसके फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों को मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था. 

वीडियो: हिंद महासागर में होगी IAF के तेजस विमानों की तैनाती

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