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This Article is From Feb 05, 2020

ओवैसी का PM मोदी पर निशाना- खुद को मुस्लिम महिलाओं का भाई कहने वाले मोदी उनके धरने से क्यों डरे हैं?

भाजपा सदस्यों की टोकाटोकी के बीच असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि इस सरकार के कार्यकाल में 1933 के जर्मनी के जैसे हालात हैं.

ओवैसी का PM मोदी पर निशाना- खुद को मुस्लिम महिलाओं का भाई कहने वाले मोदी उनके धरने से क्यों डरे हैं?
AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री पर बोला हमला
नई दिल्ली:

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ देश भर में हो रहे प्रदर्शनों पर AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि खुद को मुस्लिम महिलाओं को भाई कहने वाले मोदी अब उनके धरने से डरे क्यों हुए हैं.लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग में लेते हुए ओवैसी ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लाने पर कोई निर्णय नहीं होने से जुड़े सरकार के बयान का हवाला दिया और कहा कि प्रधानमंत्री को चुनौती है कि वह सदन में आकर जवाब दें कि क्या एनपीआर और एनआरसी से जुड़े हैं अथवा नहीं .उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सरकार एनआरसी लाएगी या नहीं?

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भाजपा सदस्यों की टोकाटोकी के बीच उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार के कार्यकाल में 1933 के जर्मनी के जैसे हालात हैं. हैदराबाद से सांसद ने कहा कि सीएए का विरोध कर रहे लोग अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री खुद को मुस्लिम महिलाओं का भाई कहते हैं और आज जब मुस्लिम महिलाएं धरने पर बैठी हैं तो उनको मुस्लिम महिलाओं से डर क्यों लगता है? ओवैसी ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के एक बयान की ओर इशारा करते हुए कहा कि ‘मुझे गोली मारो.' इस पर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी और भाजपा के कुछ अन्य सदस्यों ने आपत्ति जताई तो पीठासीन सभापति बी. महताब ने कहा कि अगर कुछ आपत्तिजनक होगा तो उसे हटाया जाएगा.

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ओवैसी ने यह आरोप भी लगाया कि मोदी सरकार की विदेश नीति में विफलता का आलम यह है कि अब नेपाल भी भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश कर रहा है और अमेरिकी सीनेट एवं यूरोपीय संघ में भारत को लेकर टिप्पणी की जा रही है. चर्चा में भाग लेते हुए कांग्रेस के अब्दुल खालिक ने कहा कि असम के सभी नागरिक सीएए के विरोध में हैं और 1971 के बाद जो भी आया है उसे बाहर जाना होगा. भाजपा के निहाल चंद ने आरोप लगाया कि राजस्थान सरकार मोदी सरकार की कई प्रमुख योजनाओं को लागू नहीं कर रही है और केंद्र सरकार को इस संबंध में हस्तक्षेप करना चाहिए. आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन ने कहा कि सीएए का विरोध हो रहा है कि क्योंकि यह संविधान की मूल भावना के खिलाफ है. टीआरएस के रंजीत रेड्डी और कुछ अन्य सदस्यों ने भी चर्चा में भाग लिया.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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