सोपोर:
अफजल गुरु के परिवार ने सरकार के उस दावे का खंडन किया है, जिसमें कहा गया था कि अफजल को फांसी दिए जाने के बारे में उन्हें सूचना दी गई थी। अफजल के परिवार ने कहा कि उन्हें मीडिया के जरिये फांसी की जानकारी मिली।
सोपोर में अफजल के चचेरे भाई यासीन गुरु ने एनडीटीवी से कहा, हमें सरकार द्वारा कोई सूचना नहीं दी गई। हमें टीवी चैनलों और सोशल मीडिया के जरिये फांसी के बारे में जानकारी मिली। दिल्ली में हमारे वकीलों और दोस्तों को भी इस बारे में कुछ पता नहीं था।
गौरतलब है कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को शनिवार सुबह तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई। सरकार की तरफ से कहा गया था कि अफजल गुरु की फांसी के बारे में उसके घर वालों को स्पीड पोस्ट के जरिये जानकारी भेजी गई थी, लेकिन परिवार ने ऐसी कोई चिट्ठी मिलने से इनकार किया।
यासीन अहमद ने कहा कि कम से कम मानवीय आधार पर अफजल के परिजनों को उससे आखिरी बार मिलने या बात करने का मौका दिया जाना चाहिए था। यह निश्चित तौर पर दुर्भाग्यपूर्ण है। अफजल के परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए उसके शव की मांग की है। शनिवार को अफजल गुरु की पत्नी तब्बसुम ने अपने वकील एनडी पंचोली के जरिये तिहाड़ जेल के महानिदेशक को खत लिखकर मांग की कि उसके पति की आखिरी रस्म सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए।
पत्र का मसौदा अफजल के वकील एनडी पंचोली ने तैयार किया। तबस्सुम के पत्र में कहा गया है, अगर आप हमें यह जानकारी दे सकें कि परिवार के सदस्य कब 'नमाज-ए-जनाजा' अदा कर सकते हैं, तो हम आपके शुक्रगुजार होंगे। पत्र में लिखा है, हम नहीं चाहते कि पहले से गरमाए माहौल में इसे एक राजनीतिक मुद्दा बनाया जाए, लेकिन भारत के नागरिक होने के नाते परिवार के सदस्यों को जो हक है, वो उन्हें अदा करने दिया जाए।
सोपोर में अफजल के चचेरे भाई यासीन गुरु ने एनडीटीवी से कहा, हमें सरकार द्वारा कोई सूचना नहीं दी गई। हमें टीवी चैनलों और सोशल मीडिया के जरिये फांसी के बारे में जानकारी मिली। दिल्ली में हमारे वकीलों और दोस्तों को भी इस बारे में कुछ पता नहीं था।
गौरतलब है कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को शनिवार सुबह तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई। सरकार की तरफ से कहा गया था कि अफजल गुरु की फांसी के बारे में उसके घर वालों को स्पीड पोस्ट के जरिये जानकारी भेजी गई थी, लेकिन परिवार ने ऐसी कोई चिट्ठी मिलने से इनकार किया।
यासीन अहमद ने कहा कि कम से कम मानवीय आधार पर अफजल के परिजनों को उससे आखिरी बार मिलने या बात करने का मौका दिया जाना चाहिए था। यह निश्चित तौर पर दुर्भाग्यपूर्ण है। अफजल के परिवार ने अंतिम संस्कार के लिए उसके शव की मांग की है। शनिवार को अफजल गुरु की पत्नी तब्बसुम ने अपने वकील एनडी पंचोली के जरिये तिहाड़ जेल के महानिदेशक को खत लिखकर मांग की कि उसके पति की आखिरी रस्म सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए।
पत्र का मसौदा अफजल के वकील एनडी पंचोली ने तैयार किया। तबस्सुम के पत्र में कहा गया है, अगर आप हमें यह जानकारी दे सकें कि परिवार के सदस्य कब 'नमाज-ए-जनाजा' अदा कर सकते हैं, तो हम आपके शुक्रगुजार होंगे। पत्र में लिखा है, हम नहीं चाहते कि पहले से गरमाए माहौल में इसे एक राजनीतिक मुद्दा बनाया जाए, लेकिन भारत के नागरिक होने के नाते परिवार के सदस्यों को जो हक है, वो उन्हें अदा करने दिया जाए।
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