नई दिल्ली:
बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का ताज़ा ब्लॉग इन दिनों चर्चा में है। उन्होंने इस ब्लॉग में नरेंद्र मोदी का बचाव किया और मीडिया को मोदी पर गैरज़रूरी हमले का ज़िम्मेदार बताया है।
लालकृष्ण आडवाणी को लगता है कि नरेंद्र मोदी के साथ बहुत नाइंसाफ़ी हुई है।
अपने ब्लॉग पर नए कमेंट में उन्होंने लिखा है कि भारत के राजनीतिक इतिहास में किसी भी नेता को इस तरह बदनाम नहीं किया गया है जिस तरह गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र भाई मोदी को।
आडवाणी का मानना है कि इसके लिए मीडिया ज़िम्मेदार है जो विरोधियों की बात को ज़्यादा जगह देती है। लेकिन जानकारों के मुताबिक अंतर्कलह से जूझ रही पार्टी के भीतर दरअसल यह आडवाणी की फिर से अपनी हैसियत हासिल करने की कोशिश तो है ही साथ ही मोदी से रिश्ते सुधारने की भी।
हाल के दिनों में नितिन गडकरी मोदी के दबाव में दिखते रहे हैं। संजय जोशी पर बीजेपी का फ़ैसला इसकी बड़ी मिसाल रहा है।
दूसरी ओर, गडकरी और मोदी के बीच रिश्ते भी बेहतर हुए हैं। जानकारों की राय है कि आडवाणी की कोशिश इस नए रिश्ते में सेंध लगाने की है। वैसे बीजेपी यह नहीं मानती।
लालकृष्ण आडवाणी को लगता है कि नरेंद्र मोदी के साथ बहुत नाइंसाफ़ी हुई है।
अपने ब्लॉग पर नए कमेंट में उन्होंने लिखा है कि भारत के राजनीतिक इतिहास में किसी भी नेता को इस तरह बदनाम नहीं किया गया है जिस तरह गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र भाई मोदी को।
आडवाणी का मानना है कि इसके लिए मीडिया ज़िम्मेदार है जो विरोधियों की बात को ज़्यादा जगह देती है। लेकिन जानकारों के मुताबिक अंतर्कलह से जूझ रही पार्टी के भीतर दरअसल यह आडवाणी की फिर से अपनी हैसियत हासिल करने की कोशिश तो है ही साथ ही मोदी से रिश्ते सुधारने की भी।
हाल के दिनों में नितिन गडकरी मोदी के दबाव में दिखते रहे हैं। संजय जोशी पर बीजेपी का फ़ैसला इसकी बड़ी मिसाल रहा है।
दूसरी ओर, गडकरी और मोदी के बीच रिश्ते भी बेहतर हुए हैं। जानकारों की राय है कि आडवाणी की कोशिश इस नए रिश्ते में सेंध लगाने की है। वैसे बीजेपी यह नहीं मानती।