
सूरजकुंड:
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार 2014 तक नहीं चल पाएगी, मध्यावधि चुनाव होना तय है। लोकसभा चुनाव भाजपा के लिए अच्छा अवसर है, इसलिए कार्यकर्ता पार्टी की छवि को 'विश्वसनीय' और 'भ्रष्टाचार मुक्त' बनाएं।
भाजपा राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए आडवाणी ने कहा कि सरकार में भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों के बावजूद 10-15 दिन पहले उनकी सोच अलग थी लेकिन अब सरकार बीमार हो चुकी है। यह अब आईसीयू (सघन चिकित्सा कक्ष) में है।
आडवाणी ने कहा, "अचानक, यहां तक कि कांग्रेस के सहयोगियों को भी लगने लगा है कि यदि सरकार गिर जाती है तो यह अच्छा ही होगा।"
पूर्व उप प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे बहुत हद तक लगता है कि यह सरकार वर्ष 2014 तक नहीं चल पाएगी। यह सम्भव है कि इसकी जीवन रक्षक प्रणाली अलग हो जाए और वेंटिलेटर न रहे।" उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से कहा कि पार्टी को अगले लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देना शुरू कर देना चाहिए।
वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, "मैंने वर्ष 1947 में देश के आजाद होने के बाद से अब तक सभी सरकारों को करीब से देखा है, पहले एक पत्रकार के रूप में, फिर एक पार्टी कार्यकर्ता और बाद में एक सांसद के रूप में। लेकिन इस तरह की सरकार कभी नहीं देखी।" उन्होंने कहा, "मौजूदा सरकार का नेतृत्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया के साथ है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने अधिकार सोनिया को स्थानांतरित कर दिए हैं।"
आडवाणी ने कहा, "वर्ष 2009 में मैंने मनमोहन सिंह को कमजोर प्रधानमंत्री बताया था। तब कुछ लोगों ने मेरे बयान को अनुचित बताया था, लेकिन आज मेरी बात सही साबित हुई। मैंने जो कुछ भी कहा था, लोग आज उस पर सहमति जता रहे हैं।"
आडवाणी ने अगले लोकसभा चुनाव को पार्टी के लिए बड़ा अवसर करार देते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पार्टी की 'विश्वसनीय' और 'भ्रष्टाचार मुक्त' छवि बनाएं। कांग्रेस का 'विश्वसनीय विकल्प' बनने के लिए प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "यदि मौजूदा परिस्थिति में भी कांग्रेस बच निकलती है तो इससे यही साबित होगा कि सभी राजनीतिक पार्टियां समान व भ्रष्ट हैं।"
भाजपा नेता ने कहा, "हमारा लक्ष्य साफ होना चाहिए। यदि भाजपा सत्ता में आती है तो भ्रष्टाचार नहीं होगा। हमें इस तरह की विश्वसनीयता पैदा करनी चाहिए।"
आडवाणी ने कहा, "हमें लोगों को विश्वसनीय ढंग से बताना चाहिए कि जिस परिवर्तन की वे तलाश कर रहे हैं, वह सिर्फ सरकार बदलने से नहीं हो सकता, बल्कि ऐसी सरकार से होगा, जो देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हो।"
बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए पार्टी नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, "देश दोराहे पर है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले संप्रग ने सत्ता में बने रहने का अधिकार खो दिया है।" वहीं गडकरी ने कहा, "यह देश की राजनीति को नई दिशा देने का वक्त है।"
जोशी ने कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
वर्ष 2010 के राष्ट्रमंडल खेल आयोजन में धांधली और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में घोटाला का जिक्र करते हुए जोशी ने कहा, "भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की चुप्पी आश्चर्यजनक है।"
भाजपा के प्रस्ताव में कहा गया कि पार्टी देश के गौरव को फिर से स्थापित करेगी और देश जिस पीड़ा से गुजर रहा है, उससे उसे बाहर निकालेगी। यह भी कहा गया कि जम्मू एवं कश्मीर में हाल के दिनों में सरपंचों की हत्या से जाहिर है कि राज्य में आतंकवाद एक बार फिर सिर उठा रहा है।
प्रस्ताव में असम में बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ, मुम्बई में अमर जवान ज्योति पर हमला तथा उत्तर प्रदेश में पिछले छह में भड़के साम्प्रदायिक दंगों पर भी चिंता जताई गई।
बैठक में भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष को लगातार दूसरे कार्यकाल का विस्तार देने से सम्बंधित संशोधन को मंजूरी दे दी। अब तक अध्यक्ष केवल तीन वर्षो के कार्यकाल के लिए अपने पद पर रह सकता था। भाजपा के संविधान की धारा 21 के अनुसार, कोई भी योग्य व्यक्ति लगातार दो कार्यकाल के लिए अध्यक्ष के पद पर हो सकता है और प्रत्येक कार्यकाल तीन-तीन वर्षों का होगा।
बैठक में यह प्रस्ताव भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू की ओर से लाया गया। उन्होंने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी अध्यक्ष को स्वत: दूसरे कार्यकाल का विस्तार मिल जाएगा।
भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि इस संशोधन को इस साल मई में मुम्बई में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अंगीकार किया गया था, जिसे राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पुष्ट किया गया।
इस संशोधन से भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष नितिन गडकरी को लाभ मिल सकता है, जिनका कार्यकाल दिसम्बर में समाप्त हो रहा है।
भाजपा राष्ट्रीय परिषद की बैठक में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए आडवाणी ने कहा कि सरकार में भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों के बावजूद 10-15 दिन पहले उनकी सोच अलग थी लेकिन अब सरकार बीमार हो चुकी है। यह अब आईसीयू (सघन चिकित्सा कक्ष) में है।
आडवाणी ने कहा, "अचानक, यहां तक कि कांग्रेस के सहयोगियों को भी लगने लगा है कि यदि सरकार गिर जाती है तो यह अच्छा ही होगा।"
पूर्व उप प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे बहुत हद तक लगता है कि यह सरकार वर्ष 2014 तक नहीं चल पाएगी। यह सम्भव है कि इसकी जीवन रक्षक प्रणाली अलग हो जाए और वेंटिलेटर न रहे।" उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी से कहा कि पार्टी को अगले लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देना शुरू कर देना चाहिए।
वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, "मैंने वर्ष 1947 में देश के आजाद होने के बाद से अब तक सभी सरकारों को करीब से देखा है, पहले एक पत्रकार के रूप में, फिर एक पार्टी कार्यकर्ता और बाद में एक सांसद के रूप में। लेकिन इस तरह की सरकार कभी नहीं देखी।" उन्होंने कहा, "मौजूदा सरकार का नेतृत्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया के साथ है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने अधिकार सोनिया को स्थानांतरित कर दिए हैं।"
आडवाणी ने कहा, "वर्ष 2009 में मैंने मनमोहन सिंह को कमजोर प्रधानमंत्री बताया था। तब कुछ लोगों ने मेरे बयान को अनुचित बताया था, लेकिन आज मेरी बात सही साबित हुई। मैंने जो कुछ भी कहा था, लोग आज उस पर सहमति जता रहे हैं।"
आडवाणी ने अगले लोकसभा चुनाव को पार्टी के लिए बड़ा अवसर करार देते हुए कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पार्टी की 'विश्वसनीय' और 'भ्रष्टाचार मुक्त' छवि बनाएं। कांग्रेस का 'विश्वसनीय विकल्प' बनने के लिए प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "यदि मौजूदा परिस्थिति में भी कांग्रेस बच निकलती है तो इससे यही साबित होगा कि सभी राजनीतिक पार्टियां समान व भ्रष्ट हैं।"
भाजपा नेता ने कहा, "हमारा लक्ष्य साफ होना चाहिए। यदि भाजपा सत्ता में आती है तो भ्रष्टाचार नहीं होगा। हमें इस तरह की विश्वसनीयता पैदा करनी चाहिए।"
आडवाणी ने कहा, "हमें लोगों को विश्वसनीय ढंग से बताना चाहिए कि जिस परिवर्तन की वे तलाश कर रहे हैं, वह सिर्फ सरकार बदलने से नहीं हो सकता, बल्कि ऐसी सरकार से होगा, जो देश को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हो।"
बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए पार्टी नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, "देश दोराहे पर है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले संप्रग ने सत्ता में बने रहने का अधिकार खो दिया है।" वहीं गडकरी ने कहा, "यह देश की राजनीति को नई दिशा देने का वक्त है।"
जोशी ने कोयला ब्लॉक आवंटन में कथित अनियमितता के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
वर्ष 2010 के राष्ट्रमंडल खेल आयोजन में धांधली और 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में घोटाला का जिक्र करते हुए जोशी ने कहा, "भ्रष्टाचार के मुद्दों पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की चुप्पी आश्चर्यजनक है।"
भाजपा के प्रस्ताव में कहा गया कि पार्टी देश के गौरव को फिर से स्थापित करेगी और देश जिस पीड़ा से गुजर रहा है, उससे उसे बाहर निकालेगी। यह भी कहा गया कि जम्मू एवं कश्मीर में हाल के दिनों में सरपंचों की हत्या से जाहिर है कि राज्य में आतंकवाद एक बार फिर सिर उठा रहा है।
प्रस्ताव में असम में बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ, मुम्बई में अमर जवान ज्योति पर हमला तथा उत्तर प्रदेश में पिछले छह में भड़के साम्प्रदायिक दंगों पर भी चिंता जताई गई।
बैठक में भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष को लगातार दूसरे कार्यकाल का विस्तार देने से सम्बंधित संशोधन को मंजूरी दे दी। अब तक अध्यक्ष केवल तीन वर्षो के कार्यकाल के लिए अपने पद पर रह सकता था। भाजपा के संविधान की धारा 21 के अनुसार, कोई भी योग्य व्यक्ति लगातार दो कार्यकाल के लिए अध्यक्ष के पद पर हो सकता है और प्रत्येक कार्यकाल तीन-तीन वर्षों का होगा।
बैठक में यह प्रस्ताव भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू की ओर से लाया गया। उन्होंने हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी अध्यक्ष को स्वत: दूसरे कार्यकाल का विस्तार मिल जाएगा।
भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि इस संशोधन को इस साल मई में मुम्बई में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अंगीकार किया गया था, जिसे राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पुष्ट किया गया।
इस संशोधन से भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष नितिन गडकरी को लाभ मिल सकता है, जिनका कार्यकाल दिसम्बर में समाप्त हो रहा है।
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