कम उम्र में क्राउन एरिया के बाल पतले होने लगें तो समय के साथ यह हिस्सा और ज्यादा नजर आ सकता है. आम तौर पर ज्यादातर लोग आईने में सिर्फ आगे के बाल देखकर संतुष्ट हो जाते हैं. आगे से हेयरलाइन बिल्कुल सीधी और घनी दिखती है तो लगता है कि बाल झड़ने की कोई परेशानी नहीं है. असलियत ये है कि आईने के सामने खड़े होने पर सिर के पीछे का हिस्सा यानी क्राउन एरिया हमें आसानीसे दिखता ही नहीं. यही वजह है कि जब लोग क्लिनिक में आते हैं और हम उन्हें दो आईनों के बीच खड़ा करके पीछे का व्यू दिखाते हैं, तो वो हैरान रह जाते हैं. पीछे से स्कैल्प दिखना शुरू हो चुकी होती है और उन्हें सालों तक इस बात का पता ही नहीं चलता.
क्राउन एरिया के बाल क्यों चुपके से पतले होते हैं
सिर के पीछे का हिस्सा आम नजर से छिपा रहता है, इसलिए इसकी कमी सबसे पहले घर के लोग, बार्बर या दोस्त नोटिस करते हैं. जब तक किसी आदमी को खुद इसका पता चलता है, तब तक पीछे के बाल काफी हद तक झड़ चुके होते हैं.
- यहां के बाल घुमावदार पैटर्न यानी चक्कर की तरह उगते हैं, जिससे ये हिस्सा नॉर्मल हेयरलाइन से काफी अलग होता है.
- कम उम्र में ही क्राउन एरिया के बाल पतले होने लगें तो समय के साथ यह हिस्सा और ज्यादा दिखाई दे सकता है. इसलिए शुरुआती संकेतों पर ही ध्यान देना जरूरी है.
- हेयरलाइन ठीक दिखने के बावजूद क्राउन एरिया में बाल कम होना आसानी से नजर आ सकता है.
ट्रांसप्लांट के वक्त पीछे के हिस्से में सबसे ज्यादा मेहनत क्यों आती है
डॉ. मयंक सिंह के मुताबिक, क्राउन एरिया में हेयर ट्रांसप्लांट की प्लानिंग हेयरलाइन से अलग हो सकती है, क्योंकि यहां बालों की दिशा और उनका घुमाव ध्यान में रखना पड़ता है.
क्राउन एरिया में बाल अलग-अलग दिशा में बढ़ते हैं, इसलिए ग्राफ्ट लगाते समय उनके नेचुरल एंगल और दिशा का ध्यान रखना जरूरी होता है.
डोनर एरिया का बैलेंस बिगड़ना आगे चलकर पड़ता है भारी
सिर के पीछे और साइड से बाल निकालने की एक निश्चित सीमा होती है, जिसे हम डोनर एरिया कहते हैं. काफी लोग सिर्फ आगे की हेयरलाइन ठीक करवाने के चक्कर में अपने डोनर एरिया के लगभग सारे अच्छे ग्राफ्ट्स आगे लगवा देते हैं.
- अगर भविष्य में क्राउन एरिया के नेचुरल बाल और पतले होते हैं, तो बाद में ट्रांसप्लांट के लिए उपलब्ध डोनर ग्राफ्ट कम पड़ सकते हैं. भविष्य में बाल कितने पतले हो सकते हैं, इसे भी ध्यान में रखा जाता है.
- इसका नतीजा ये होता है कि आगे तो घनी पट्टी रहती है पर सिर के ऊपर और पीछे से पूरा हिस्सा साफ हो जाता है.
- इसी वजह से 30 साल से कम उम्र के लोगों में क्राउन एरिया की सर्जरी बहुत सोच-समझकर प्लान की जाती है, क्योंकि फ्यूचर में बाल कितने झड़ेंगे इसका पहले से अनुमान लगाना आसान नहीं होता.
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सिर्फ सर्जरी काफी नहीं, दवाइयों का रोल भी समझें
डॉ. मयंक सिंह के मुताबिक, एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया में डॉक्टर कुछ मरीजों को मिनॉक्सिडिल या फिनास्टेराइड जैसी दवाओं की सलाह दे सकते हैं. इनका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए. हेयर ट्रांसप्लांट के बाद आसपास मौजूद नेचुरल बालों में आगे भी थिनिंग हो सकती है, इसलिए लंबे समय में हेयरलॉस मैनेजमेंट पर डॉक्टर से बात करना जरूरी है.
घर पर अपने क्राउन एरिया पर नजर कैसे रखें
अगर आप चाहते हैं कि समय रहते इसका हल निकाला जा सके, तो एक सीधा तरीका अपनाएं. हर तीन या चार महीने में अपने किसी फैमिली मेंबर या मोबाइल के बैक कैमरे से सिर के ऊपर और पीछे की तस्वीर जरूर लें. इन तस्वीरों को पुरानी तस्वीरों से मिलाकर देखें. अगर पहले के मुकाबले स्कैल्प ज्यादा दिखाई देने लगे या क्राउन के बाल पतले नजर आएं, तो सीधे किसी अच्छे हेयर स्पेशलिस्ट से जांच करवाएं. आगे के बालों के साथ-साथ सिर के पीछे के हिस्से पर भी ध्यान देना उतना ही जरूरी है.
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