बारिश का मौसम आते ही कोलकाता में एक बार फिर कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. हालांकि इस बार स्थिति पहले जैसी गंभीर नहीं है, लेकिन अस्पतालों में वायरल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. डॉक्टरों का कहना है कि कोविड के साथ साथ इन्फ्लूएंजा, एडिनोवायरस और राइनोवायरस भी तेजी से फैल रहे हैं.
यही वजह है कि बुखार, खांसी, गले में खराश और बदन दर्द की शिकायत लेकर लोग बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है. लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है. खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं.
कई वायरस एक साथ एक्टिव
फोर्टिस हॉस्पिटल, कोलकाता के कंसल्टेंट पल्मोनोलॉजिस्ट और क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉ. शुभजीत सेन के मुताबिक इस समय सिर्फ कोविड-19 ही नहीं बल्कि इन्फ्लूएंजा, एडिनोवायरस और राइनोवायरस के मामले भी बढ़ रहे हैं. इसी वजह से अस्पतालों में खांसी, बुखार, गले में खराश और शरीर दर्द की शिकायत वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है.
हाल ही में एक 10 साल का बच्चा कोविड पॉजिटिव पाया गया. जबकि तीन अन्य मरीज भी अस्पताल में भर्ती हुए हैं. डॉ. सेन ने बताया कि फिलहाल उनके अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों में से एक ठीक होकर घर जा रहा है. जबकि दो मरीजों को ऑक्सीजन की कमी के कारण आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था. हालांकि इलाज के बाद उनकी हालत अब बेहतर है.
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ओमिक्रॉन जैसे ही हैं इस बार के लक्षण
डॉ. शुभजीत सेन के अनुसार इस समय सामने आ रहे ज्यादातर मामलों में सिंपटम्स ओमिक्रॉन लहर जैसे ही हैं. मरीजों में बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी, नाक बहना या बंद होना, सिर दर्द, बदन दर्द और थकान जैसी शिकायतें देखी जा रही हैं. अच्छी बात ये है कि मेक्सिमम पेशेंट में इंफेक्शन हल्का है और वो घर पर आराम, भरपूर मात्रा में पानी और नॉर्मल ट्रीटमेंट से ठीक हो रहे हैं.
हालांकि जिन लोगों को पहले से अस्थमा, सीओपीडी, इंटरस्टीशियल लंग डिजीज (आईएलडी), लीवर की बीमारी या दूसरे पुराने हेल्थ इश्यूज हैं. उनमें सांस फूलने और ऑक्सीजन का लेवल गिरने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है.
इन लोगों को सबसे ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह
डॉ. सेन का कहना है कि 60 साल से ज्यादा एज के लोग, प्रेग्नेंट महिलाएं, लंग्स या लीवर की पुरानी बीमारी से पीड़ित मरीज और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को इस समय खास सावधानी बरतनी चाहिए.
भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना, हाथों की सफाई रखना और लक्षण दिखते ही डॉक्टर से सलाह लेना उनके लिए बेहद जरूरी है. उन्होंने साफ कहा कि इस समय ‘डरने की नहीं, बल्कि अलर्ट रहने की जरूरत है.'
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क्या हर सर्दी-खांसी में कोविड टेस्ट कराना चाहिए?
डॉ. शुभजीत सेन के मुताबिक, हर सर्दी-खांसी या हल्के बुखार में कोविड टेस्ट कराना जरूरी नहीं है. अगर कोई यंग और हेल्दी व्यक्ति हल्के लक्षण देख रहा है तो वो नॉर्मल इलाज और आराम से ठीक हो सकता है.
लेकिन बुजुर्ग, प्रेग्नेंट लेडीज और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. जरूरत पड़ने पर आरटी-पीसीआर या मल्टीप्लेक्स पीसीआर जैसी जांच की जा सकती है. जिससे ये पता चल जाता है कि इंफेक्शन कोविड का है, फ्लू का या किसी दूसरे वायरस का.
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