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क्या ज्यादा आयोडीन भी बिगड़ता है थायराइड? पत्तागोभी- ब्रोकली खाने वालों को भी जान लेनी चाहिए ये बात

आज के समय में थायराइड लगभग हर एक दूसरे व्यक्ति की समस्या बन चुकी है. जब भी लोग थायराइड की बात करते हैं, तो आयोडीन की कमी का जिक्र पहले आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी अधिकता भी थायराइड को प्रभावित करती है. यहां जानते हैं इस बारे में-

क्या ज्यादा आयोडीन भी बिगड़ता है थायराइड? पत्तागोभी- ब्रोकली खाने वालों को भी जान लेनी चाहिए ये बात
Iodized Salt and thyroid : क्या ज्यादा आयोडीन थायराइड को करती है प्रभावित?

थायराइड की समस्या आज के समय में सबसे आम बीमारियों की लिस्ट में से एक है. जब भी इस बीमारी का नाम लिया जाता है, तो सबसे रहले हमारे दिमाग में आयोडीन की कमी का ख्याल आता है. इसलिए लोग अक्सर ये मान लेते हैं कि ज्यादा आयोडीन लेना हमेशा फायदेमंद होगा. लेकिन असल में सच इससे थोड़ा अलग है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिस आयोडीन की कमी थायराइड को नुकसान पहुंचा सकती है. वहीं, कुछ लोगों में इसकी अधिकता परेशानी को बढ़ा सकती है. 

मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड की कंसल्टेंट पैथोलॉजिस्ट और जोनल चीफ ऑफ लैब्स (उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड) डॉ. पूजा त्रेहन का कहना है कि थायराइड ग्रंथि को सही तरीके से काम करने के लिए आयोडीन जरूरी है. इसी से T3 और T4 हार्मोन बनते हैं, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, एनर्जी और कई महत्वपूर्ण कामों को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. लेकिन इसको बैलेंस में लेना बहुत ही जरूरी होता है. 

आयोडीन की अधिकता थायराइड को कैसे करती है प्रभावित?

डॉ. त्रेहन बताती हैं कि जब शरीर में अचानक बहुत ज्यादा आयोडीन पहुंचता है, तो थायराइड कुछ समय के लिए हार्मोन बनाना कम कर देता है. इसे वोल्फ-चाइकॉफ इफेक्ट कहा जाता है. ये शरीर का एक तरह का सुरक्षा तंत्र है.

अधिकतर हेल्दी लोगों में कुछ समय बाद थायराइड फिर सामान्य रूप से काम करने लगता है. लेकिन जिन लोगों को पहले से थायराइड से जुड़ी समस्या है, उनमें ज्यादा आयोडीन हाइपोथायराइडिज्म यानी थायराइड हार्मोन की कमी पैदा कर सकता है.

हाइपरथायराइडिज्म का भी बढ़ता है कुछ लोगों में खतरा

डॉक्टर कहती हैं कि ज्यादा आयोडीन लेने से हर व्यक्ति के शरीर में प्रभाव एक जैसा नहीं होता है. जिन लोगों की थायराइड ग्रंथि में नोड्यूल या अन्य पहले से मौजूद समस्याएं होती हैं, उनमें आयोडीन की अधिक मात्रा हाइपरथायराइडिज्म का कारण भी बन सकती है. इस स्थिति को जॉड-बेसडो फेनोमेनन कहा जाता है.

हाई-डोज आयोडीन सप्लीमेंट, केल्प से बने प्रोडक्ट्स, एमियोडेरोन जैसी कुछ दवाएं और कुछ रेडियोलॉजी टेस्ट में इस्तेमाल होने वाले आयोडीन युक्त कॉन्ट्रास्ट एजेंट शरीर में आयोडीन का स्तर बढ़ा सकते हैं.

क्या पत्ता गोभी और ब्रोकली से भी थायराइड पर पड़ता है असर?

इस बारे में डॉक्टर पूजा कहती हैं कि पत्ता गोभी, फूलगोभी, ब्रोकली और केल जैसी सब्जियों को लेकर लोगों में काफी भ्रम है. इनमें गोइट्रोजेनिक तत्व पाए जाते हैं, जो कुछ परिस्थितियों में थायराइड हार्मोन बनने के प्रोसेस को प्रभावित कर सकते हैं.

हालांकि, सामान्य लोगों को इन सब्जियों से दूरी बनाने की जरूरत नहीं है. अगर शरीर में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा है, तो ये सब्जियां सेहत के लिए काफी हेल्दी होती हैं. ऐसे लोगों को पत्तागोभी जैसी चीजें नहीं खानी चाहिए, जो आयोडीन की कमी से जूझ रहे हैं या फिर इसका सेवन काफी ज्यादा कर रहे हैं. 

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