Himachal Pradesh News: देवभूमि हिमाचल प्रदेश और पड़ोसी राज्य पंजाब के बीच एंट्री टैक्स (Entry Tax) को लेकर बड़ा टकराव शुरू हो गया है. हिमाचल की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने 1 अप्रैल से राज्य में घुसने वाले बाहरी वाहनों पर टैक्स बढ़ाने का फरमान जारी किया है. इस फैसले के बाद पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में भारी आक्रोश है और वहां के लोगों ने हिमाचल की गाड़ियों को रोकने की सीधी धमकी दे दी है. विवाद इतना बढ़ गया है कि सोमवार को हिमाचल विधानसभा में भी इस मुद्दे पर भारी हंगामा हुआ, जिसके बाद सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है.
आम आदमी की जेब पर कितना पड़ेगा असर?
आपके लिए पहले ये यह जानना सबसे जरूरी है कि 1 अप्रैल से हिमाचल जाने पर जेब कितनी ढीली होने वाली है. आदेश के मुताबिक, अब तक कार लेकर हिमाचल जाने पर 70 रुपये का टैक्स लगता था, जिसे बढ़ाकर सीधे 170 रुपये कर दिया गया है. जबकि अन्य बड़े कमर्शियल वाहनों के एंट्री टैक्स में भी लगभग ढाई गुना (2.5x) तक की भारी बढ़ोतरी की गई है.

यहां समझें हिमाचल में किस वाहन से कितना एंट्री टैक्स लिया जाएगा?
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पंजाब का अल्टीमेटम: हमारी गाड़ियां रोकीं, तो हम भी रोकेंगे
टैक्स बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर पंजाब और हिमाचल के बॉर्डर इलाकों में रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों पर पड़ेगा. पंजाब के ट्रांसपोर्टर्स और स्थानीय लोगों ने इसका पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है. पंजाब की तरफ से चेतावनी दी गई है कि अगर हिमाचल ने बढ़े हुए टैक्स के साथ उनकी गाड़ियों से वसूली की, तो वे भी पंजाब सीमा में हिमाचल के वाहनों की एंट्री बंद कर देंगे.
बताते चलें कि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हिमाचल की कांग्रेस सरकार पर 'दिवालिया' होने का आरोप लगाते हुए 'जैसे को तैसा' टैक्स लगाने की बात कही थी. उन्होंने कहा था, 'पंजाब सरकार भी हिमाचल प्रदेश के वाहनों पर जवाबी एंट्री टैक्स (Reciprocal Tax) लगाने पर गंभीरता से विचार करेगी. अगर वे हमारे लोगों से टैक्स वसूल सकते हैं, तो हमें भी सोचना होगा.'
विधानसभा में जयराम ठाकुर बोले- 'यह सीएम की जिद है'
इस भारी विरोध की गूंज हिमाचल प्रदेश विधानसभा में भी सुनाई दी. नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने टैक्स बढ़ोतरी को सीधे तौर पर 'सीएम सुक्खू की जिद' करार दिया. उन्होंने कहा कि इस एक फैसले से पंजाब के साथ हिमाचल के रिश्ते खराब होंगे और आम हिमाचली भी परेशान होगा। सरकार को इसे तुरंत वापस लेना चाहिए.
आज एंट्री टैक्स की वजह से हिमाचल के बॉर्डर एरियाज के हालात चिंता जनक हैं, माहौल तनाव पूर्ण हैं।
— Jairam Thakur (@jairamthakurbjp) March 31, 2026
प्रदेश के नाकों पर उग्र प्रदर्शन, चक्का जाम हो रहे हैं, ऐसे में किसी भी हिमाचल वासी के साथ किसी प्रकार की अनहोनी होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
सरकार बचकाने फैसलों से बाज आए। pic.twitter.com/IeDBT69W3x
सीएम सुक्खू का जवाब
सदन में चौतरफा घिरने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सफाई पेश की. उन्होंने कहा, 'एंट्री टैक्स कोई नई बात नहीं है, यह पिछले 40 सालों से लागू है. हालांकि, कुछ गाड़ियों पर की गई बढ़ोतरी का भारी विरोध हो रहा है, इसलिए हम इस पर पुनर्विचार करेंगे. मामले को कैबिनेट में ले जाकर अंतिम फैसला लिया जाएगा.' फिलहाल, 1 अप्रैल की डेडलाइन सिर पर है और आम जनता से लेकर ट्रांसपोर्टर्स तक की निगाहें सुक्खू सरकार की अगली कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं.
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