- सूरत के बिल्डर तुषार घेलाणी ने 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 की रात खुद को गोली मारकर आत्महत्या की थी
- मृतक के परिवार का आरोप- पूनम भादोरिया ने बिना दस्तावेज के स्कूल में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी दबाव में हासिल की
- पूनम भादोरिया ने लगभग छह वर्षों में स्कूल से वेतन और लाभ के रूप में एक करोड़ से अधिक रुपये लिए थे
सूरत के चर्चित बिल्डर तुषार घेलाणी की मौत ने शहर को झकझोर कर रख दिया है. इस हाई-प्रोफाइल केस में संपत्ति के खेल के साथ ब्लैकमेल वाला एंगल भी जुड़ गया है. इस मामले में एक महिला मित्र भी गिरफ्तार हुई है. उमरा पुलिस ने पूनम भादोरिया को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया है.
15 सालों से महिला मित्र के संपर्क में थे तुषार घेलाणी
31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 की दरमियानी रात तुषार घेलाणी ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी. 5 फरवरी को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया. परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. मृतक की बेटी के अनुसार, उनके पिता पिछले करीब 15 वर्षों से पूनम भादोरिया के संपर्क में थे. यह रिश्ता धीरे-धीरे मानसिक और आर्थिक दबाव में बदल गया
पूनम ने किया बड़ा खेला
परिवार का आरोप है कि, पूनम ने ‘ब्लू पापिलोन' प्री-प्राइमरी स्कूल में 50% हिस्सेदारी दबाव में हासिल की, बिना दस्तावेजी निवेश के मैनेजिंग पार्टनर बनी रहीं. 2018 से 2024 के बीच लगभग 1.37 करोड़ रुपये वेतन व लाभ के रूप में लिए. जॉली आर्केड स्थित करीब 1.06 करोड़ रुपये मूल्य की दो दुकानों का बिना बैंकिंग लेनदेन के ट्रांसफर कर अपने नाम करवा लिया.
पूनम ने दी थी धमकी
5 फरवरी को मृतक की बेटी की शादी थी. आरोप है कि 31 जनवरी को आए एक फोन कॉल में पूनम ने शादी में आकर हंगामा करने और समाज में बदनाम करने की धमकी दी थी. जुलाई 2025 में बेटियां खुद पूनम को समझाने उसके घर गईं, लेकिन वहां भी कथित रूप से संपत्ति में 50% हिस्सेदारी की मांग और गंभीर धमकियां दी गईं.
एसीपी ज़ेड.आर. देसाई के अनुसार, जांच में यह संकेत मिले हैं कि मृतक पर लगातार मानसिक और आर्थिक दबाव बनाया जा रहा था. स्कूल और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच में कई संदिग्ध पहलू सामने आए हैं. इसी आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है.
पुलिस भी बता रही हत्या
दिलचस्प रूप से मौत के 9 दिन बाद पूनम भादोरिया ने भी पुलिस में आवेदन देकर दावा किया था कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है. उन्होंने मृतक के परिवार पर ही गंभीर आरोप लगाए थे. फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दावों और सबूतों की जांच कर रही है. यह मामला अब सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि रिश्तों, विश्वास, संपत्ति विवाद और कथित ब्लैकमेलिंग की उलझी हुई कहानी बन चुका है. सच क्या है, यह आने वाले दिनों में जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा.
सूरत से अमित ठाकुर की रिपोर्ट
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