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चाय में बिस्किट डुबोकर खाने की आदत आखिर शुरू कैसे हुई? जानिए इस दिलचस्प ट्रेंड का इतिहास

चाय नहीं पिएंगे लेकिन तुम्हारी चाय में बिस्किट डुबोकर खा लेंगे. क्या आपके साथ भी ऐसा कभी हुआ है जब कोई चाय तो ना पिए लेकिन अपने स्वाद बढ़ाने के लिए बिस्किट को आपकी चाय में भिगोकर खाए. अगर हां, तो क्या आपने कभी सोचा की आखिर चाय के साथ बिस्किट खाने की ये प्रथा कहां सा चालू हुई थी.

चाय में बिस्किट डुबोकर खाने की आदत आखिर शुरू कैसे हुई? जानिए इस दिलचस्प ट्रेंड का इतिहास
चाय में बिस्किट डुबोकर खाने की आदत आखिर शुरू कैसे हुई? ( Unsplash Image)

चाय की दीवानगी के बारे में तो क्या ही बात करें. भरी-चिलचिलाती धूप में भी ऑफिस के बाहर जिस जगह पर सबसे ज्यादा भीड़ होती है वो चाय की छोटी सी दुकान होती है. चाय पीने वाले लोग कभी भी समय नहीं देखते हैं. बस उनके लिए चाय का एक कप किसी भी समय के लिए परफेक्ट होता है. भारत में भी चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं है, बल्कि लोगों की जिंदगी का एक हिस्सा है. 

कई लोग दिन की शुरूआत चाय के साथ करते हैं, तो कुछ बेड टी लेना पसंद करते हैं. नाश्ते में चाय का कप हो या फिर लंच के बाद की चाय, ये हर समय और खासकर बरसात के समय अपने मजे को दोगुना कर देती है. 

वहीं कई ऐसे लोग भी होते हैं जो चाय पीना तो नहीं पसंद करते, लेकिन उनको चाय में ब्रेड, बिस्किट डुबोकर खाना पसंद होता है. चाय के कप के साथ दूसरी प्लेट पर नमकीन और बिस्किट परोसे जाना हमारे यहां सदियों से चली आ रही एक परंपरा है. 

लेकिन क्या आपको पता है कि पहले लोग सिर्फ चाय पीते थे. इसके साथ कुछ नहीं खाते थे. लेकिन धीरे-धीरे चाय के साथ स्नैक्स का सेवन और फिर चाय के साथ बिस्कुट खाना लोगों को पसंद आने लगा. आपने कभी सोचा है कि आखिर ये आदत शुरू कैसे हुई?

चाय में कब डूबा था बिस्किट

चाय में बिस्किट डुबोकर खाने का चलन कई सालों पुराना माना जाता है. इतिहासकारों की मानें तो इसकी शुरूआत हुई थी यूरोप में. 17वीं-18 वीं शताब्दी में वहीं बिस्किट या ब्रेड खाए जाते थे लेकिन वो काफी हार्ड होते थे. जिस वजह से इनको चबाने में काफी मुश्किल होती थी. ऐसे में लोग उनको नरम बनाने के लिए बिस्किट या ब्रेड को चाय, कॉफी या दूध में डुबोकर खाने लगे, ये इनको नरम कर देता था, जो खाने में भी आसान होता था. 

ये महज एक सुविधा के लिए शुरू किया गया था, लेकिन आने वाले समय में ये एक ट्रेंड बन गया. ब्रिटेन में जब “टी टाइम” कल्चर बढ़ा तब चाय को अकेले नहीं परोसा जाता था, बल्कि इसके साथ बिस्किट देने की प्रथा भी चल गई.  ब्रिटेन से ये ट्रेंड दूसरे शहरों और देशों में भी पहुंच गया और देखते ही देखते ये भारत में भी आया और लोगों के बीच खूब पसंद किया गया. भारत में अंग्रेजों के दौर में चाय पीने का चलन तेजी से फैला और साथ में बिस्किट डुबोकर खाने की आदत भी लोगों के बीच आम हो गई.

स्वाद के पीछे छिपा है कंफर्ट 

दरअसल चाय में बिस्किट को डुबोना सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं पसंद किया गया बल्कि इसके पीछे विज्ञान भी जुड़ा हुआ है. अगर आपने भी चाय में बिस्किट को डुबोकर खाया है तो उसका स्वाद आपको नॉर्मल खाए बिस्किट से ज्यादा लगा होगा. दरअसल जब चाय के अंदर बिस्किट डूबता है तो वो नर्म हो जाता है और चाय के फ्लेवर के साथ बिस्किट का स्वाद और बढ़ जाता है. 

वहीं कई लोग मानते हैं कि ऐसा करने से चाय और बिस्किट दोनों का टेस्ट बेहतर हो जाता है. यही वजह है कि आज भी लोग पारले-जी, मैरी, ग्लूकोज या दूसरा कोई भी नमकीन बिस्किट हो उसको चाय में डुबोकर खाना ही पसंद करते हैं.

आज भले ही चाय के साथ कॉफी कल्चर लोगों के बीच आ गया है और इसके साथ अलग-अलग तरह के स्नैक्स मिलने लगे हैं. लेकिन जो मजा चाय और बिस्किट खाने का था वो आज भी लोगों के दिलों में जगह बनाए हुए है.

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