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हर‍ियाणा में बाजरा, तो पंजाब में मक्‍का, जानें ठंड में देश के किस कोने में खाई जाती है कौन सी रोटी

सर्दी आते ही बदल जाता है थाली का मिजाज, जानिए भारत के अलग-अलग राज्यों की खास रोटियां.

हर‍ियाणा में बाजरा, तो पंजाब में मक्‍का, जानें ठंड में देश के किस कोने में खाई जाती है कौन सी रोटी
जानें ठंड में देश के किस कोने में खाई जाती है कौन-सी रोटी.
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रोटी के बिना भारतीय थाली अधूरी है. थाली में चाहे कितनी भी करी या दाल रखी हो, पेट रोटी खाने के बाद ही भरता है. उत्तर भारत के ज़्यादातर हिस्सों में रोज़ाना गेहूं के आटे से चपाती या पराठे बनाए जाते हैं. लेकिन मौसम बदलते ही थाली में रोटी भी बदल जाती है. हमारे देश की खूबसूरती यही है कि यहां हर मौसम के हिसाब से खान-पान का अपना अलग ही रिवाज है. ​अगर सर्दियों में रोटियों की बात करें, तो हर राज्य का अपना एक खास मिजाज है. कहीं मक्के की रोटी की खुशबू उठती है, तो कहीं बाजरे और रागी. रोटी (Roti) के बगैर भारतीय थाली अधूरी है. ये रोटियां न सिर्फ खाने के स्वाद को बढ़ाती हैं बल्कि सेहत के लिए भी कमाल हैं.तो चलिए जानते हैं कि ठंड के दिनों में भारत के अलग-अलग कोनों में कौन-सी रोटियां खाई जाती हैं.

सर्दियों में क्यों खाई जाती हैं ये रोटियां?

  • शरीर को गर्माहट देती हैं.
  • लंबे समय तक पेट भरा रखती हैं.
  • सीजनल अनाज से बनती हैं.
  • एनर्जी और स्टैमिना बढ़ाने में मदद करती हैं.

किस राज्य में कौन सी रोटी खाई जाती है-

​1. हरियाणा और राजस्थान- (बाजरे की रोटी)

​हरियाणा और राजस्थान में सर्दियों की शुरुआत होते ही बाजरे की रोटी की मांग बढ़ जाती है. बाजरे की तासीर गर्म मानी जाती है, जो कड़ाके की ठंड से बचाने में बहुत मददगार होती है. हरियाणा में बाजरे की मोटी-मोटी रोटी को कंडे की आंच पर सेंका जाता है और उस पर सफेद मक्खन या घी लगाकर लहसुन की तीखी चटनी या गुड़ के साथ खाया जाता है. वहीं राजस्थान में इसे कढ़ी या गट्टे की सब्जी के साथ खूब पसंद किया जाता है.

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​2. पंजाब- (मक्के की रोटी और सरसों का साग)

पंजाब में ठंड के दिनों में घर-घर में मक्के के आटे की रोटियां बनाई जाती हैं. जब गर्म-गर्म मक्के की रोटी पर देसी घी का एक बड़ा सा टुकड़ा पिघलता है और साथ में सरसों का साग हो, तो उसका स्वाद दोगुना हो जाता है. मक्का पचने में थोड़ा भारी जरूर होता है, लेकिन सर्दियों में यह शरीर को भरपूर एनर्जी और गर्माहट देता है.

​3. महाराष्ट्र और गुजरात- (ज्वार और बाजरे की भाकरी)

​पश्चिम भारत की तरफ रुख करें तो महाराष्ट्र और गुजरात में सर्दियों में भाकरी का राज होता है. महाराष्ट्र में ज्वार और बाजरे के आटे से बनी भाकरी को लहसुन-मिर्च की ठेचा और शेव भाजी के साथ सर्व किया जाता है. यह रोटी ऊपर से क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट होती है. पचने में आसान होने के साथ-साथ यह सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जाती है.
  
​4. दक्षिण भारत- (रागी की रोटी)

​दक्षिण भारत के राज्यों जैसे कर्नाटक और तमिलनाडु में सर्दियों के दौरान रागी (नाचनी) की रोटी बड़े शौक से खाई जाती है. रागी में कैल्शियम और फाइबर की मात्रा काफी अच्छी होती है. यहां रागी के आटे में बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, कढ़ी पत्ता और जीरा मिलाकर स्वादिष्ट रोटियां बनाई जाती हैं. इसे अक्सर नारियल की चटनी या सांभर के साथ खाया जाता है.
  
​5. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश- (मिस्सी रोटी और चने के आटे की रोटी)

​उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के मैदानी इलाकों में ठंड के दिनों में गेहूं के आटे में बेसन या चने का आटा मिलाकर मिस्सी रोटी बनाई जाती है. इसमें अजवाइन, कस्तूरी मेथी, हींग और थोड़ा सा तेल मिलाया जाता है. यह रोटी न सिर्फ सुपाच्य होती है, बल्कि सर्दियों में पेट को दुरुस्त रखने में भी मदद करती है. इसे अक्सर उबले हुए आलू-मटर की सब्जी या दही के साथ खाया जाता है.

​6. उत्तराखंड और पहाड़ी इलाके- (कट्टू और मंडुए की रोटी)

​उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में जब ठंड चरम पर होती है, तब वहां मंडुआ और कुट्टू के आटे की रोटियां खाई जाती हैं. पहाड़ी इलाकों की कड़ाके की ठंड में शरीर का तापमान सही बनाए रखने के लिए यह खाना बहुत फायदेमंद होता है. इसे पहाड़ी घी और भांग की चटनी के साथ सर्व करने का एक अलग ही स्वाद है.

किस रोटी के साथ क्या खाया जाता है?
मक्की की रोटी- सरसों का साग
बाजरे की रोटी- लहसुन की चटनी/गुड़
ज्वार भाखरी-पिठला

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