
एनडीटीवी के साथ एक इंटरव्यू में अक्षय से जब पूछा गया कि 'गब्बर इज बैक' में तो समाज में फैले अलग-अलग तरह के भ्रष्टाचार से लड़ रहे हैं, मगर फ़िल्म इंडस्ट्री में क्या उनका समाना किसी तरह के भ्रष्टाचार से हुआ?
तो जवाब में उन्होंने कहा, 'सिनेमा जगत में छोटा मोटा भ्रष्टाचार है या छोटी मोटी ठगी है, मसलन किसी की स्क्रिप्ट चोरी हो गयी या फिर किसी का पैसा मार लिया, सिर्फ़ इसी तरह की कई ख़बरें देखने या सुनने को मिलती है।'
जब उनसे पूछा गया कि गब्बर एक विलेन का नाम है पर इस किरदार के काम हीरो वाले हैं तो कहीं गब्बर की शोहरत भुनाने के इरादे से फ़िल्म का नाम 'गब्बर इज बैक' रखा गया और साथ ही गब्बर के डायलॉग्स भी फ़िल्म में इस्तेमाल किए गए। तो जवाब में उन्होंने माना कि गब्बर एक लीजेंडरी किरदार है और ज़ाहिर है उसके नाम और डायलॉग्स लेने के पीछे एक कारण ये भी रहा है ताकि लोग बरसों से सुनते आ रहे नाम और डायलॉग्स से आकर्षित होकर सिनेमा घरों की और रुख कर सकें।
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