
संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है. सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने सत्र की पूर्व संध्या पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक को संबोधित करते हुए लोकसभा एवं राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ करवाने की जरूरत पर भी बल दिया ताकि पांच साल में एक बार चुनाव करवाने से विकास को गति मिल सके.
शीतकालीन सत्र की 10 बातें
सत्र से पहले सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई और इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे. उन्होंने अपील की कि विपक्ष सदन को ठीक से चलाने में मदद करे.
कांग्रेस ने इस बात पर बल दिया कि गुजरात चुनाव अभियान के दौरान अपने पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह पर हमला करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को माफी मांगनी चाहिए.
कांग्रेस शीतकालीन सत्र में हुई देरी से पहले से ही नाराज़ है. वहीं जीएसटी और नोटबंदी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है.
लोकसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पीएम मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्रियों पर साजिश करने का आरोप लगाया है और वह इसे साबित करें.
कांग्रेस 14 कार्यदिवस वाले इस सत्र में राफेल, किसानों की अनदेखी और चुनाव में पाकिस्तान तक को ले आने पर सवाल उठाने की तैयारी में है.
अनंत कुमार ने कांग्रेस के सवालों पर कहा है कि हम हर मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार है.
अगर गुजरात चुनाव के नतीजे बीजेपी के पक्ष में जाते हैं तो सरकार तीन तलाक से जुड़ा कानून इसी सत्र में पास कराना चाहेगी.
बीजेपी की सूची में ओबीसी, अति पिछड़े वर्ग को संवैधानिक दर्जा दिलाने का बिल भी है, जिन्हें इसी सत्र में पास कराना चाहेगी.
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा, ‘‘हम इस मुद्दे (मनमोहन के खिलाफ मोदी के आरोप) को संसद में उठायेंगे। या तो सरकार दावे को साबित करे अथवा प्रधानमंत्री माफी मांगें। माफी से कम हमें कुछ भी स्वीकार नहीं।’’
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि वह संसद के शुक्रवार से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र में राजनीतिक पार्टियों के नेताओं द्वारा उठाये जाने वाले सभी मुद्दों पर सार्थक चर्चा सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगी.