
कर्नाटक में चल रहे सियासी नाटक में एक भी विधायक के इधर से उधर होने पर कर्नाटक में सत्ता की तस्वीर बदल सकती है. ऐसे में राजनीतिक पार्टियां कोई रिस्क नहीं लेना चाहती. कांग्रेस-जेडीएस विधायकों को सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाने के लिए रात में बस द्वारा बेंगलुरु से हैदराबाद भेजा गया. दरअसल येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर तत्काल रोक लगाने की कांग्रेस-जेडीएस की अर्ज़ी ख़ारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम राज्यपाल के फ़ैसले पर न्यायिक समीक्षा कर सकते हैं, लेकिन उन्हें रोकने के आदेश कैसे जारी करें. आमतौर पर सुप्रीम कोर्ट राज्यपाल को आदेश जारी नहीं करता है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे पास वो चिट्ठी तक नहीं है, जो राज्यपाल ने बीजेपी को लिखी है. ऐसे में हम शपथग्रहण को नहीं रोक सकते. हम पहले वो चिट्ठी देखना चाहते हैं. सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार सुबह सुबह 10:30 बजे फिर इस मामले पर सुनवाई करेगा.
10 बातें
बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार को बेंगलुरू के गवर्नर हाउस में शपथ ली.उन्होंने कहा मैं सभी 224 विधायकों का समर्थन चाहता हूं. मुझे यकीन है कि वे अपने विवेक के अनुसार मतदान करेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे विश्वासमत जीतने का पूरा यकीन है.
शाम को येदियुरप्पा ने कहा कि, हमें बहुमत सिद्ध करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है लेकिन हमें 15 दिनों का इंतजार नहीं करना है. उन्होंने कहा कि हमें उससे पहले ही बहुमत को सिद्ध करना है.बता दें कि बीजेपी के पास 105 सांसद हैं, जिनमें एक निर्दलीय भी शामिल है, और 224 सदस्यीय असेंबली में बीजेपी बहुमत से 7 सीटें दूर हैं.
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि 'येदियुरप्पा' एक दिन के मुख्यमंत्री' साबित हो सकते हैं. उन्होंने आगे कहा कि एक समय वजूभाई वाला ने मोदीजी के लिए अपनी सीट बलिदान की थी और अब उन्होंने मोदीजी के लिए संविधान और लोकतंत्र का त्याग किया है.
इसी बीच कांग्रेस के दो लापता विधायकों ने भी पार्टी की नींद उड़ा रखी है. मंगलवार को चुनाव परिणामों के दिन से ही विधायक आनंद सिंह लापता हैं. तो एक और कांग्रेस सांसद प्रतागौड़ा पाटिल भी कल रात पार्टी बस में नहीं थे.
कांग्रेस पार्टी ने अभी तय नहीं किया है कि अपने विधायकों को कहां स्थानांतरित किया जाए. खबरों के मुताबिक अभी के लिए, बेंगलुरू के पास ईगलटन रिज़ॉर्ट को उचित समझा गया है. इस बीच पार्टी का एक वर्ग इस कशमकश में भी है कि उन्हें शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का इंतजार करना चाहिए या नहीं.
इस सब पर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के पुत्र और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने कहा कि अगर कर्नाटक के राज्यपाल भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं तो राष्ट्रपति से हमारी मांग है कि पिछले दरवाजे से बनी सरकार को बर्खास्त करने का निर्देश देकर बिहार की सबसे बड़ी पार्टी को मौका मिलना चाहिए.
वहीं रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि अगर कर्नाटक में एकमात्र सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका मिला, तो गोवा, बिहार, मणिपुर और मेघालय में सरकारों को इस्तीफा देना चाहिए और सबसे बड़ी पार्टी के लिए रास्ता बनाना चाहिए.
सर्वोच्च न्यायालय शुक्रवार को कर्नाटक के गवर्नर द्वारा भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के फैसले पर सुनवाई करेगा.
गुरुवार को शीर्ष अदालत ने मध्यरात्रि में याचिका पर सुनाई की और येदियुरप्पा को शपथ समारोह की अनुमति दी, लेकिन कहा कि यह 'मामले के नतीजे के अधीन होगा.' अदालत ने माना कि जेडीएस और कांग्रेस के पास विधायकों की संख्या भाजपा से अधिक है इस तरह की स्थिति में, येदियुरप्पा ने किस आधार पर दावा किया कि उनके पास भी विधायकों की पर्याप्त संख्या है.
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा को बहुमत साबित करने के लिए कहा, उन्होंने कहा कि 'येदियुरप्पा' एक दिन का मुख्यमंत्री 'साबित हो सकते हैं.कांग्रेस का कहना है कि श्री येदियुरप्पा ने बहुमत हासिल करने का दावा नहीं किया था और बहुमत साबित करने के लिए 7 दिनों के लिए कहा था। राज्यपाल ने उन्हें 15 दिन दिए। अदालत में गठबंधन का प्रतिनिधित्व करने वाले अभिषेक सिंघवी ने कहा, "यह शिकार करने का सबसे बड़ा लाइसेंस है."