आज रात 19 फरवरी, 2019 को चांद पृथ्वी के काफी करीब दिखाई देगा. यह चांद रोज़ाना दिखने वाले चांद से आकार में 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत ज्यादा चमकीला होगा. नासा (NASA) के मुताबिक अगर आपने इस सुपरमून (Supermoon of February 19, 2019) के दीदार नहीं किए तो अगला मौका 7 साल बाद मिलेगा. आज जैसा सुपरमून (Supermoon) अगली बार साल 2026 में दिखाई देगा. आप इस चांद को रात 9:23 पर देख सकेंगे. इससे पहले 21 जनवरी को सुपरमून (Supermoon) हुआ था, जिसका दीदार भारत में नहीं हुआ था. आज के बाद 21 मार्च को पूर्णिमा (Purnima) के दिन सुपरमून दिखेगा. वहीं, 19 फरवरी का ये सुपरमून (Super Moon Today) साल का सबसे नजदीकी सुपरमून है.
-
पीएम मोदी के ग्लोबल विजन से लेकर RBI गवर्नर के बड़े बयान तक, अखबारों के फ्रंट पेज पर छाया NDTV समिट -
'भारतीय दयालु, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं', खामेनेई ने अपने प्रतिनिधि को भारत भेजते समय क्या कहा था? -
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
भारत में कब होगा दीदार?
इस सुपरमून को भारत में 19 फरवरी, 2019 (Super Moon February 2019) की रात 9 बजकर 23 मिनट पर देखा जा सकेगा. वहीं, दिल्ली में शाम 6:30 बजे, मुम्बई में 9:23 बजे और कोलकाता में सूर्य डूबने के करीब आधे घंटे बाद इसे देखा जा सकेगा. आज चांद का आकार बड़ा जरूर दिखेगा, लेकिन यह ब्लड रेड (Blood Moon) नहीं होगा. सुपर ब्लड मून (Super Blood Moon) का दीदार 2028 और 2037 में होगा.
सूपरमून के और भी नाम
इस बार सुपरमून को स्ट्रॉम मून (Storm Moon), हंगर मून (Hunger Moon 2019), बोन मून (Bone Moon) और स्नो मून (Snow Moon) के नाम से बुलाया जा रहा है. इस फरवरी महीने में भारी बर्फबारी होने की वजह से इस सुपरमून (Supermoon) को स्नो मून नाम के पुकारा जा रहा है.
क्या होता है सुपरमून?
जब चांद और धरती के बीच की दूरी सबसे कम हो जाती है और चंद्रमा की चमक बढ़ जाती है, उस परिस्थिति में चांद को सुपरमून (Supermoon) कहा जाता है. इस दौराना चांद रोज़ाना की तुलना में 14 फीसद ज्यादा बड़ा और 30 फीसद तक ज्यादा चमकीला दिखाई देता है.
VIDEO: 68 साल बाद दिखा सुपरमून
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं