मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है. मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान जी की आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. इस दिन व्रत रखने, सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी प्रकार के कष्ट और अमंगल दूर होते हैं. मंगलवार का दिन आते ही बचपन की वो सुबहें याद आ जाती हैं, जब घर में हनुमान जी की पूजा की तैयारी होती थी. अगर आप भी बजरंगबली के भक्त हैं और मंगलवार का व्रत रखते हैं, तो श्रद्धा और नियम के साथ की गई हनुमान पूजा जीवन के संकटों को दूर करने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करती है.
हनुमान पूजा के नियम
व्रत संकल्प- सुबह स्नान करके साफ लाल या पीले कपड़े पहनें और व्रत का मन में संकल्प लें.
सामग्री- हनुमान जी को चमेली का तेल, सिंदूर, लाल चोला, जनेऊ, रसीले फल और बूंदी का भोग बहुत पसंद है.
समय- पूजा हमेशा सुबह सूर्योदय के समय या शाम को सूर्यास्त के बाद करें.
हनुमान चालीसा और पाठ के नियम
पाठ संख्या- अपनी श्रद्धा और समय के अनुसार हनुमान चालीसा का 1, 5, 7 या 11 बार पाठ करें. इसके अलावा सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ भी बहुत फलदायी होता है.
उच्चारण- पाठ हमेशा स्पष्ट और शुद्ध उच्चारण के साथ करें. पाठ के दौरान मन को शांत और पवित्र रखें.
नियम- मासिक धर्म के दौरान शारीरिक रूप से मूर्ति या पुस्तक को न छुएं, परंतु मानसिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ या नाम स्मरण किया जा सकता है.
आरती
आरती कीजै हनुमान लला की हनुमान आरती।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की।जाके बल से गिरवर कांपै, रोग दोष जाके निकट न झांपै।।
अंजनि पुत्र महाबलदायी, संतन के प्रभु सदा सहाई।
दे बीरा रघुनाथ पठाए, लंका जारि सिया सुधि लाए।।
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