प्रतीकात्मक चित्र
हरियाणा सरकार ने आज नूह जिले के पल्ला गांव में ऐतिहासिक स्मारक शेख मूसा की दरगाह और झूलती मीनार को संरक्षित पुरातत्व ढांचा घोषित किया.
दरगाह 14वीं सदी में बनी थी जबकि झूलती मीनार का निर्माण 18वीं सदी में हुआ था.
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां कहा कि इस संबंध में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, स्मारक के आस पास के क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है.
उन्होंने कहा कि शेख मूसा की दरगाह परिसर की वास्तुकला मुगल एवं राजपूत शैली प्रदर्शित करती है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
दरगाह 14वीं सदी में बनी थी जबकि झूलती मीनार का निर्माण 18वीं सदी में हुआ था.
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां कहा कि इस संबंध में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, स्मारक के आस पास के क्षेत्र को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया है.
उन्होंने कहा कि शेख मूसा की दरगाह परिसर की वास्तुकला मुगल एवं राजपूत शैली प्रदर्शित करती है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
Sheikh Musa Ka Dargah, Haryana, Jhulti Minar, Protected Monuments